पढ़िए मेरी बड़ी दीदी प्रिया के साथ शादी से पहले वाली वो खतरनाक हॉट रात। दीदी के बड़े-बड़े 36D मम्मे, गुलाबी निप्पल, क्लीन शेव्ड गीली चूत और मेरे मोटे लंड की पूरी wild incest सेक्स स्टोरी। चोदाई, blowjob, चूत चाटना, creampie और कई पोजीशन में दीदी के साथ गर्म रात का मजा।
अगर आपको भाई-बहन की हॉट सेक्स कहानी पसंद है तो ये स्टोरी जरूर पढ़ें।
मेरी बड़ी बहन प्रिया की शादी सिर्फ एक महीने बाद होने वाली थी। उसका फिगर देखकर किसी भी लड़के का लंड तुरंत खड़ा हो जाए। 5’7” की लंबी हाइट, लंबे-लंबे गोरे पैर, पतली कमर और सबसे खतरनाक चीज – उसके दोनों बड़े-बड़े, गोल-मटोल, एकदम टाइट और भरे-भरे मम्मे।
साइज बिल्कुल परफेक्ट 36D, इतने जूसी और हेवी कि ब्रा के अंदर भी उन्हें संभालना मुश्किल था। उसकी चुचियों के निप्पल एकदम गुलाबी, छोटे-छोटे पर बहुत सेंसिटिव – हल्की सी छूते ही सख्त हो जाते और खड़े-खड़े हो जाते।
प्रिया दीदी हमेशा टाइट स्किनी जींस और डीप नेक क्रॉप टॉप पहनती थी, जिसमें उसकी पतली कमर, मोटी गांड और उभरे हुए मम्मों का पूरा कर्व साफ दिखता था। मैं हर रोज चुपके-चुपके उसे देखता रहता था। रात को सोते वक्त उसके बड़े मम्मे, गुलाबी निप्पल और चूत की सोचकर मेरा लंड खड़ा हो जाता और मैं जोर-जोर से मुठ मारता था।
एक शाम घर में सिर्फ हम दोनों थे। मम्मी-पापा किसी शादी में बाहर गए हुए थे। प्रिया दीदी अपने बेडरूम में कपड़े बदल रही थी। मैं बाहर से धीरे से खिड़की के पास पहुंच गया और चुपके से अंदर झांकने लगा। दीदी मिरर के सामने खड़ी थी और खुद को देखकर शरारती मुस्कान दे रही थी। जैसे वो अपनी सेक्सी बॉडी पर खुद ही फिदा हो रही हो।
धीरे से उसने अपनी क्रॉप टॉप उतार दी। वाह क्या नजारा था भाई! उसकी गोरी-गोरी स्किन पर ब्लैक लेस ब्रा बिल्कुल परफेक्ट लग रही थी। उसके बड़े-बड़े मम्मे ब्रा के कप से थोड़े बाहर झांक रहे थे, क्लीवेज इतनी गहरी कि देखते ही मन करता था मुंह घुसा दूं।
दीदी ने एक हाथ से अपने दोनों मम्मों को पकड़ लिया और उन्हें जोर-जोर से मसलने लगी। उसके गुलाबी निप्पल तुरंत सख्त हो गए और ब्रा के कपड़े को चीरते हुए बाहर निकल आए। दीदी उन्हें उंगलियों से दबा रही थी, घुमा रही थी और मिरर में खुद को एंजॉय कर रही थी। “मम्म… कितने सेंसिटिव हो गए हैं आज…” वो खुद से बड़बड़ा रही थी।
फिर दीदी ने अपनी टाइट जींस भी उतार दी। अब वो सिर्फ ब्लैक लेस पैंटी में थी। पैंटी का कपड़ा उसकी चूत पर इतना टाइट था कि उसकी पफी चूत की शेप साफ-साफ दिख रही थी। दीदी ने पैंटी का रबड़ पकड़ा और धीरे से नीचे सरका दिया। अब वो पूरी तरह नंगी थी। उसकी चूत एकदम क्लीन शेव्ड थी – बिल्कुल स्मूथ, गुलाबी, थोड़ी सी पफी और बीच में हल्की सी लाइन। दीदी ने पास पड़ी रेड लिपस्टिक उठाई, मुस्कुराते हुए अपनी चूत पर लगाने लगी। लाल रंग उसकी गुलाबी चूत पर फैल गया और वो और भी ज्यादा सेक्सी और रसीली लगने लगी।
दीदी ने अपनी उंगली से चूत को हल्के से सहलाना शुरू किया। वो अपनी चूत को चक्कर में घुमा रही थी, क्लिटोरिस को दबा रही थी और धीरे-धीरे moan करने लगी – “आह्ह्ह… उफ्फ्… कितनी गीली हो गई हूं आज…” उसकी आंखें बंद थीं और चेहरा खुशी से लाल हो रहा था।
तभी दीदी की नजर खिड़की की तरफ पड़ गई। उसने मुझे देख लिया। मैं डर गया और भागने लगा, लेकिन दीदी ने प्यार से आवाज दी, “अरे रुक जा छोटू… कहां भाग रहा है? आ जा अंदर।” उसके स्वर में गुस्सा नहीं था, बल्कि शरारत और गर्मी भरी मुस्कान थी।
मैं रुक गया। दीदी ने दरवाजा खोल दिया और मुझे अंदर बुला लिया। वो अभी भी पूरी तरह नंगी थी, सिर्फ लिपस्टिक वाली चूत के साथ। मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था। दीदी मेरे पास आई, अपना नरम हाथ बढ़ाकर मेरे खड़े लंड को पकड़ लिया और धीरे-धीरे सहलाने लगी। उसने मेरी आंखों में आंखें डालकर धीरे से कहा, “बहुत दिनों से नोटिस कर रही थी मैं… तू मुझे कैसे देखता है। शादी होने वाली है मेरी, लेकिन इससे पहले एक बार महसूस करना चाहती थी कि कोई मुझे इतना चाहता है। तू भी चाहता है ना मेरे मम्मे और चूत को?”
मैं बस सिर हिला दिया। दीदी मुस्कुराई और झुककर मेरे लंड को मुंह में ले लिया। क्या मजा था! दीदी ने पूरे ८ इंच के मोटे लंड को एक साथ गले तक ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। उसकी गर्म और नम जीभ मेरे लंड के सुपाड़े पर घूम रही थी, कभी-कभी वो लंड को अपने बड़े मम्मों के बीच दबाकर चोदने लगती थी। “मम्म… कितना मोटा और गर्म है तेरा लंड…” वो चूसते हुए बोली।
मैं झड़ने वाला था तो बोला, “दीदी… मैं आने वाला हूं…” दीदी ने लंड मुंह से नहीं निकाला, बल्कि और गहराई में ले लिया और बोली, “मेरे मुंह में ही दे दे… मैं तेरा स्वाद चखना चाहती हूं।” मैंने अपना पहला गाढ़ा लोड दीदी के मुंह के अंदर ही छोड़ दिया। दीदी ने सारा पिया, एक बूंद भी बाहर नहीं गिरने दी और मुस्कुराते हुए बोली, “बहुत स्वादिष्ट है तेरा माल… अब मेरी बारी।”
मैंने दीदी को आराम से बेड पर लिटा दिया। उसके पैर फैला दिए और उसकी गुलाबी-लाल चूत को देखने लगा। दीदी शरमाते हुए बोली, “क्या देख रहा है इतना? शर्म आ रही है…” मैंने कहा, “दीदी, कितनी प्यारी, गुलाबी और रसीली चूत है आपकी… देखता ही रहूं मन करता है।” मैंने झुककर उसे प्यार से चूम लिया। दीदी मचल उठी और मेरे सिर को अपनी चूत पर जोर से दबा दिया।
मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत चाटना शुरू किया। ऊपर से नीचे तक लिक किया, क्लिटोरिस को चूसा, अंदर जीभ डालकर घुमाया। दीदी अजीब सी मीठी आवाजें निकाल रही थी – “आह्ह्ह… उफ्फ्… हां छोटू… और जोर से चाट… अंदर डाल अपनी जीभ… मम्म्म… बहुत मजा आ रहा है…” उसकी चूत से मीठा-मीठा रस निकल रहा था, जिसमें लिपस्टिक का स्वाद भी मिल रहा था। मैंने सारा रस चाट लिया।
थोड़ी देर बाद दीदी जोर से कांप उठी, उसकी कमर ऊपर उठ गई और वो पहली बार झड़ गई। “आआआह्ह्ह… मैं आ गई…!” मैंने उसका सारा अमृत पी लिया।
दीदी अब बहुत बेचैन हो रही थी। उसने मेरी तरफ देखा और प्यार से बोली, “अब मत तड़पा छोटू… जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दे… मैं और इंतजार नहीं कर सकती। मेरी चूत जल रही है तेरे लंड के लिए।”
मैंने धीमी गति से चोदना शुरू किया। दीदी की आंखें बंद थीं और वो बार-बार कह रही थी, “आह्ह्ह… हां… और गहरा… बहुत अच्छा लग रहा है छोटू… जोर से चोद मेरी चूत को…” मैंने रफ्तार बढ़ाई। दीदी दो बार और झड़ चुकी थी। उसकी चूत मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी।
आखिर में मैं भी झड़ने वाला था। मैंने लंड बाहर निकाला और दीदी के बड़े-बड़े मम्मों पर, गर्दन पर और पेट पर सारा गर्म-गर्म माल छोड़ दिया। दीदी ने मुस्कुराते हुए अपने मम्मों को सहलाया, थोड़ा माल उंगली पर लिया और चाट लिया। बोली, “ये हमारी खास याद रहेगी… शादी के बाद भी कभी-कभी याद करना और मुठ मार लेना मेरी याद करके।”
उस रात हम दोनों ने कई बार प्यार और मजा किया। कभी मिशनरी में, कभी डॉगी स्टाइल में, कभी दीदी ऊपर बैठकर मुझे चोद रही थी। दीदी की शादी हो गई, अब वो अपने पति के साथ खुश है। लेकिन वो एक जंगली, गीली और गर्म रात की सेक्सी यादें हम दोनों के दिल में हमेशा ताजा रहेंगी।
कभी-कभी जब वो अकेली होती है तो मुझे मैसेज करती है – “छोटू, आज फिर तेरी दीदी की चूत याद आ रही है…”
ये थी मेरी दीदी की शादी से पहले की वो खतरनाक हॉट रात।