न्यूड Xxx सिस्टरसेक्स कहानी में हमारे वॉशरूम में मरम्मत का काम हो रहा था तो मेरी बहन बरामदे में नहा रही थी। मैं अपनी सेक्सी बहन पर बुरी नजर रखता था. मैंने क्या किया?
नमस्ते भाइयो और मेरी चूत वाली बहनो!
मेरी उम्र 23 साल है।
भाई बहन का प्यार सबसे अच्छा रिश्ता भाई बहन का होता है.
अगर भाई बहन के प्यार में पागल हो जाये तो वह उसे एक बहन की नज़र से नहीं बल्कि एक लड़की की नज़र से देखना शुरू कर देता है.
और यही बात लड़की की होती है।
आज मैं आपको भाई-बहन के प्यार की खूबसूरत और सेक्सी Nude Xxx Sister Sex Kahani सुनाने जा रहा हूं।
मेरी एक बहन है जिसका नाम मोनिका है।
उसकी उम्र 26 साल है।
मोनिका शरीर से भरी हुई दिखती है।
मेरी बहन की चूचियों का साइज 36 से भी कुछ न कुछ ज्यादा है।
खूब मोटे तरबूज जैसे चूचे हैं उसके!
उसकी कमर 34 और गांड 38 की है।
गोल-रसीली, भारी भरकम गांड … जो चलते हुए लगती है जैसे पहाड़ डोल रहे हों!
आप सोच सकते हैं कि मेरी बहन का फिगर कितना रसीला लगता होगा।
लड़के उसकी तरफ देखे बिना रह नहीं पाते हैं।
मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
कुछ दिन पहले की बात है कि हमारे घर में वाशरूम बन रहा था।
उस वक्त हमें बाहर गैलरी में ही नहाना पड़ता था।
उस रोज मैं अपने कमरे में कंप्यूटर चला रहा था।
मोनिका नहाने जा रही थी।
उसने जाने से पहले कहा कि जब तक वो नहाकर नहीं आ जाती मैं बाहर न निकलूं क्योंकि वो गैलरी में नहाने जा रही थी।
रूम का दरवाजा बंद करके वो नहाने चली गई।
जब दस मिनट हो गए तो मैंने उसको दरवाजा खोलने के लिए आवाज दी।
मोनिका बोली- अभी टाइम लगेगा भाई, थोड़ी देर रुक जा, अभी तो मैंने पानी चलाया है बाल्टी में!
फिर करीब दस मिनट और गुजर गए।
दोस्तो, मेरी नज़र बहुत दिनों से मोनिका पर थी।
जब वह घर का काम करती तब भी मैं उसको चुपके से देखा करता था।
उसकी मोटी गांड मुझे पागल सा कर देती थी।
मैंने सोचा बहुत देर हो चुकी, मोनिका अब नहा ली होगी।
तो उस कमरे में लकड़ी का गेट था जो पुराने ज़माने में हुआ करते थे।
उसमें लोहे की कील लगी होती थीं।
दरवाजे में एक-दो जगह कील नहीं थी जहाँ से बाहर के किसी भी व्यक्ति को देखा जा सकता था।
मैंने सोचा बहुत देर हो गई, पता नहीं मोनिका इतनी देर क्यों लगा रही है नहाने में?
तो मैंने दरवाजे के छोटे छेद से देखा तो मेरे होश उड़ गए।
मैंने देखा कि मोनिका ने अपना कमीज उतार रखा था।
वह मेरे सामने करीब 10 फीट की दूरी पर थी।
मुझे सब कुछ साफ-साफ दिख रहा था।
मोनिका कुछ सोच रही थी खड़ी-खड़ी … उसके सीने पर लाल रंग की चोली कसी हुई थी।
पहली बार मैंने मोनिका को ऐसे देखा था।
मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि यही मेरी बहन मोनिका है जो मुझे राखी बांधती है।
मोनिका चोली में बहुत सेक्सी लग रही थी।
सेक्सी बहन का ये रूप देखकर मेरा लौड़ा पूरा खड़ा हो चुका था।
मन कर रहा था कि मैं पीछे से जाकर मोनिका को पकड़ लूं और उसकी चूचियों से खेलूँ, उसकी गांड में लंड रगड़ दूं।
लेकिन यह मेरे लिए मुमकिन नहीं था क्योंकि वह मेरी बहन जो थी।
फिर ज़ब पानी बाल्टी में भर गया तो मोनिका ने अपनी चोली उतार दी।
अब उसके कबूतर चोली से आजाद हो गए थे।
मेरे तो लंड में मानो किसी ने आग लगा दी हो।
सामने का नजारा देख मेरा लन्ड तो सांप की तरह फुंफकारे मार रहा था।
मोनिका की चूचियां देखकर मैं लंड को सहलाने लगा।
फिर उसने अपनी सलवार उतारी नहाने के लिए।
अरे बाप रे बाप! मैंने देखा कि मोनिका की जाँघें इतनी सुडौल और मोटी थीं मानो जैसे कोई खूब उसकी चुदाई करता हो।
मेरे लंड की हालत और ख़राब होती जा रही थी।
किसी तरह बस मैंने अपने आपको कंट्रोल करके रखा हुआ था।
मोनिका ने जैसे ही सलवार उतारी तो उसकी गुलाबी रंग की पैंटी मुझे दिखी।
पैंटी पर फ्रंट में जाली लगी थी।
पैंटी की जाली में से मेरी बहन की फूली हुई, पाव रोटी जैसी चूत साफ चमक रही थी।
अब मैं भी तड़प गया उसकी चूत को नंगी देखने के लिए … सोच रहा था कि अगर ये पैंटी में ही नहाने लगी तो चूत को नंगी कैसे देखूंगा!
मैं मन ही मन भगवान से प्रार्थना करने लगा कि बस ये अपनी पैंटी उतार दे और इसकी नंगी चूत मुझे दिख जाए।
मेरे लंड में बहुत अधिक तनाव आ चुका था।
वो झटके पर झटके दे रहा था और मेरा मन जोर से मुठ मारने का कर रहा था।
मोनिका ने तब अपना टूथ पेस्ट और ब्रश उठाया और मंजन करने लगी।
मंजन करते समय जैसे-जैसे वो हाथ को चला रही थी, तो उसकी दोनों चूचियां आजू-बाजू हिल रही थीं।
उसका एक हाथ पैंटी के ऊपर था जहाँ नेट की जाली लगी थी।
वह हल्के-हल्के हाथ से चूत को सहला रही थी और हल्का-हल्का खुजला भी रही थी।
मैंने सोचा कि हो सकता है मोनिका ने अपनी चूत के बाल काटे हों अभी ही … क्योंकि खुजली तो तभी होती है मीठी-मीठी।
फिर मोनिका ने अपना मंजन समाप्त किया और फिर नहाने बैठ गई।
उसने जैसे ही एक जग पानी डाला वो हल्की भीग सी गई।
उसका भीगा बदन … आए हाए … क्या लग रही रही थी!
गोरी-गोरी कमर, मोटे-मोटे चूचे … और गांड की तो बात ही कुछ अलग थी।
उसकी गांड पीछे की तरफ बहुत निकली हुई थी।
मेरे लंड पर मेरा काबू नहीं रह पा रहा था अब!
उसकी गांड और उसके नंगे बदन को देखकर ज़ोर ज़ोर से मैं मुठ पेलने लगा।
इतने में ही उसने अपनी पैंटी को कुछ सोचकर उतारना शुरू कर दिया।
वह खड़ी हुई और पैंटी नीचे खींच दी।
आह्ह … मैं तो सन्न रह गया!
मेरी बहन की चूत नंगी थी!
मैंने देखा उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था।
बहुत ही चिकनी चूत थी उसकी!
चूत के पंख काले रंग के चोड़े-चौड़े से थे… और ऊपर मोटी-मोटी चूचियां … जिन पर ब्राउन निप्पल!
हाय … मैं तो पागल सा हो गया।
मैं खूब दबाकर मुठ पेल रहा था।
ऐसा लग रहा था जैसे मैं मोनिका की चुदाई कर रहा हूं।
अब मोनिका नंगी खड़ी होकर अपने ऊपर पानी डाल रही थी।
फिर मोनिका ने साबुन उठाया और लगाना शुरू किया।
सबसे पहले उसने अपनी चूचियों पर साबुन लगाया, फिर पेट और टांगों पर।
सबसे बाद में धीरे-धीरे वह चूत की ओर बढ़ने लगी।
और आखिर कार जैसे ही उसने अपनी चूत पर साबुन लगाया, उसे जैसे मिर्ची सी लगी।
शायद कटी झांटों के कारण उसकी चूत में चीस लग गई थी।
फिर वह आह्ह … स्स् … इस्स … जैसी हल्की आवाजें करते हुए अच्छे से चूत को रगड़ कर साफ कर रही थी।
वह अपनी चूत की फांकों को खोलकर नीचे देख रही थी कि उसकी चूत कि हालत कैसी हो रही है … वो बार-बार पानी से उसमें छींटें मार रही थी।
चूत में एक उंगली डालकर वो उसकी सफाई कर रही थी अच्छे से!
उंगली डालते हुए उसकी टांगें और ज्यादा खुल जाती थीं।
फिर उसने दोबारा से साबुन लगाया और चूत को मलने लगी।
अब चूत की साबुन से मसाज करते हुए जैसे उसको मजा आने लगा।
उसकी टांगें अब चौड़ी होने लगीं।
फिर उसने चूत में उंगली अंदर दे दी।
वह एक उंगली से चूत को चोदने लगी।
मुझे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था कि मैं उसको ऐसे चूत में उंगली करते हुए देख रहा हूं।
मैं कल्पना नहीं कर पा रहा था कि यह वही मेरी बहन मोनिका है जो मेरा खाना बनाती है, घर का काम करती है।
अब ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी पोर्न फिल्म की नायिका को देख रहा हूं जो अपनी चूत के दर्शन सबको करवा रही है।
मोनिका की हालत देख अब मैं समझ रहा था कि उसको चूत में उंगली करने में कितना मजा आ रहा है।
उसके चेहरे के भाव अब काफी कामुक हो रहे थे।
उसके मुंह से हल्की सी आह्ह .. इस्स … इस्स आह्ह … की आवाजें निकल रही थीं।
फिर उसने चूत पर पानी डाला और अच्छे से धो लिया।
मुझे लगा अब ये नहाना खत्म करेगी।
लेकिन उसने ऐसा नहीं किया बल्कि एक शीशी उठाकर उंगलियों पर कुछ चिकना पदार्थ लगाया और फिर से चूत में उंगली देने लगी।
वह चूत में अंदर-बाहर … अंदर-बाहर उंगली करते हुए चूत फैलाकर वहीं पर उसे चोदने लगी।
फिर उसने दो उंगली अंदर दे दी।
अब वह तेजी से चूत को फेंट रही थी।
यह नजारा देखकर मेरी हालत भी खराब हो रही थी।
मैं भी मन ही मन बहन की चूत को चोदने की कल्पना करने लगा था।
उसकी भीतर जाती हुई उंगली को मैं आंख बंद करके अपना लंड समझ रहा था।
फिर लंड के टोपे पर हाथ फिराते हुए सोच रहा था कि मेरा लंड बहन की चूत में घुस रहा है!
“आह्ह … हाए … इस्स … आह्ह … मोनिका … चोद दूं तुझे … आह्ह … तेरी चूत … आह्ह!” करते हुए मैं तेजी से मुठ मारने लगा।
बीच-बीच में मैं सामने का नजारा भी देख रहा था।
मोनिका भी तेजी से अपनी चूत में दो उंगलियां चला रही थी।
फिर कुछ देर बाद वो चलाते हुए थक गई तो उसने उंगलियां बाहर निकाल लीं।
मेरे लंड का माल भी छूटते हुए रह गया। फिर वो चूत को धोने लगी। उसने टांगें खोली हुई थीं।
उसकी चूत के खुले हुए होंठ मुझे साफ दिख रहे थे।
भीतर से चूत गुलाबी नजारा दे रही थी।
ऊपर से होंठ सांवले थे।
दोस्तो, बहुत ही सेक्सी चूत लग रही थी इस वक्त मेरी बहन की!
वह हाथों में पानी लेकर बार-बार उस पर मार रही थी।
फिर उसके होंठों को रगड़ देती और फिर से पानी मारती।
फिर वह खड़ी होकर अपने बदन पर पानी डालने लगी।
बहन की गीली चूत पर से पानी गिरता हुआ मुझे साफ दिख रहा था … जैसे चूत पर से झरना बह रहा हो।
मोनिका को कुछ मालूम नहीं था कि मैं उसकी चूत को देख रहा हूं और न्यूड सिस्टर Xx सेक्स का मजा ले रहा हूँ.
मुठ मारते हुए मेरे लंड से झाग निकल चुका था।
मैंने उसको कपड़े साफ कर दिया।
फिर उसने नहाना खत्म किया।
उसने नहाने के बाद ब्लू रंग की ब्रा पहनी और ब्लू रंग की ही पैंटी पहनी; फिर सूट-सलवार पहनकर तैयार हो गई।
अब मैंने भी लंड को भीतर किया और फिर दोबारा कंप्यूटर पर आकर बैठ गया।
मोनिका ने गेट खोला और मुझसे बोली- बहुत कंप्यूटर देखता है!
मैंने कहा- कब से आवाज़ दे रहा था कि दरवाजा खोलो दीदी!
मोनिका बोली- मैंने कपड़े धोये हैं, और वैसे भी नहाने में टाइम तो लगता है।
मैं कहा- हां, लगता तो है ही!
दीदी बोली- फिर कह क्यों रहा है?
मैं हँस दिया।
मोनिका बोली- अच्छा चल, मुझे नींद आ रही है, थोड़ा सोना है, तेरा खाना मैंने लगा दिया है, खाकर आराम कर ले थोड़ा!
फिर वह जाकर दूसरे कमरे में सो गई।
वह 2-3 घंटे के लिए बोलकर गई थी।
जाते समय मोनिका ने कपड़े वाशिंग मशीन में डाल दिए थे।
दोस्तो, अब मेरा लंड कहाँ चैन से बैठने वाला था।
मैंने उसकी ब्रा और भीगी पैंटी मशीन में से उठायी और लेकर अपने दूसरे रूम में चला गया।
जाकर मैंने रूम का दरवाजा बंद कर लिया, फिर मैंने पैंटी को उल्टी करके देखा।
बीच में जहां पर चूत की जगह होती है … मैंने वहां पर जीभ लगाकर देखा।
आह्ह … क्या स्वाद था उसकी चूत वाली जगह का!
मैंने पैंटी को चाटना शुरू कर दिया।
चाटते हुए मुझे लगा कि मैं बहन की चूत चाट रहा हूँ … मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
अबकी बार लंड में और भी ज्यादा तनाव मुझे महसूस हो रहा था। उसकी पैंटी से नमकीन स्वाद मेरे मुंह में जा रहा था।
पैंटी को चाटते हुए मैं तो हवस मैं जैसे पागल सा हुआ जा रहा था।
मैंने उसकी पैंटी को खूब चाटा।
चाटते हुए मैं लगातार मुठ मार रहा था।
फिर मैंने मुठ मारते हुए सारा माल उसकी पैंटी पर गिरा दिया।
फिर ब्रा को सूंघा।
सूंघते हुए मैं लगातार अपने लंड को हिला रहा था, उसे सहला रहा था जबकि मेरा पानी निकल चुका था।
मुझे इस वक्त बहुत मजा आ रहा था।
कई मिनट तक मैं ऐसे ही उसकी ब्रा की खुशबू में खोया रहा।
फिर जब मेरा मन भर गया तो मैंने बहन मोनिका की ब्रा और पैंटी को दोबारा से मशीन में डाल दिया।
अब मेरा लंड भी शांत हो गया था।
लेकिन कुछ देर के बाद फिर से मन में वासना उठने लगी।
मैंने बहन की नंगी चूत देखी थी तो बार-बार उसकी चूत का नजारा मेरे दिमाग में घूमने लगा।
दोस्तो, अब मेरी हालत ऐसी ही रहती है।
बहन की चूत का नजारा मेरी आंखों में घूमता रहता है।
उसकी नंगी चूत की तस्वीर मेरे दिमाग में जैसे छप सी गई है।
बहन की चुदाई करने का मेरा अब बहुत मन करता है लेकिन मैं हिम्मत नहीं कर पाता हूं।
बस मैं मुठ मारकर खुद को शांत कर लेता हूं।
मैं ख्यालों में बहन की चूत में लंड देकर चोदते हुए बहुत मजा लेता हूं।
काश मेरी बहन की चुदाई करने का मौका मुझे मिल जाए।
आपको मेरी बहन की नंगी चूत की यह स्टोरी कैसी लगी मुझे जरूर बताना!
इस कहानी के बारे में आपके क्या विचार हैं आप कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।
जल्द ही मैं आपके लिए अगली कहानी लेकर आऊंगा।
आप न्यूड Xxx सिस्टर सेक्स कहानी पर अपने विचार मुझे ईमेल के माध्यम से भी बता सकते हैं और अपना संदेश मुझे मेल कर सकते हैं।
मेरा ईमेल आईडी है
[email protected]