बाप ने बीच रास्ते में सगी बेटी को चोदा

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हेल्लो दोस्तों.....
मेरी बेटी सुमी जिसकी उम्र 17 साल है...
और मेरे उसके साथ तीसरी बार सेक्स है एक बार जब मैंने सील तोड़ी दूसरी तब जब मैंने उसकी गांड मारी..

आज मैं वो कहानी बताने जा रहा हूँ जब मैंने उसे बीच रास्ते में चोदा....मेरी बेटी सुमी 34 के उसके बूब्स हैं 30 की कमर और 36 की गांड...
इतना सेक्सी बदन ही शायद किसी का हो तभी तो अपनी सगी बेटी को चोदने का मन किया...

अब जब सामने ऐसा सुंदर सेक्सी माल हो तो कौन नही चोदना चाहेगा...उसके गुलाबी ओंठ और गोरी गोरी जांगें..गहरी नाभि .उत्तेजित  करने के लिए यही काफी हैं...जिसके ऐसा अंग उत्तेजित वाले हों सोचो उसकी मुलायम चूत और बड़े बड़े बूब्स कैसे होंगे...

इतना मस्त माल...मेरा लंड छ इंच का है पर मैं चाहता हूँ की नौ इंच लंड वाला कोई मेरी बेटी की चूत में डाले मेरे सामने और उसे बड़े मोटे लंड का भरपूर मजा दे...अब कहानी पर आता हूँ...पिछले साल मई की बात है हमें शादी में हिमाचल जाना था...पहाड़ी इलाके में...

मेरी दीदी की लड़की की शादी थी....हम चल दिए 12 मई की बात है गर्मी शुरू हो गयी थी...हम सुबह 8 बजे अपने घर से निकले गाड़ी से उतरकर हमें कम से कम एक किलोमीटर पैदल चलना था...आधा किमोमीटर नीचे तो आधा ऊपर...

जहाँ से गाड़ी छोड़ी वहां पर हम 10.30 बजे सुबह पहुंचे...पहले निचे तो हम आसानी से उतरे..20 मिनट में ही पर अब ऊपर चढ़ाई चढना थोडा मुस्किल था...मेरी बेटी सुमी ने उस दिन ब्लू सफ़ेद वाली लॉन्ग स्कर्ट पहन रखती थी और ऊपर रेस कलर की टीशर्ट..

मैंने ब्लू कलर की जींस और ब्लू ही कलर की टीशर्ट...उपर चढ़ने के लिए चढ़ाई थी जैसी ही मेरी बेटी चढ़ाई चढ़ने लगी तो उसकी स्कर्ट लॉन्ग होने के कारण पैर के नीचे आने से फट गयी... अब फटी हवी स्कर्ट से दुसरे गाँव में जा नही सकते थे तो मेरी बेटी सुमी कहने लगी पापा क्या करूँ अब मैंने कहा कपड़े ला तो रखे हैं बदल ले..जींस पहन ले...तो सुमी कहने लगी यहाँ रास्ते में कहाँ बदलूं...

तो मैंने कहा बेटा यहाँ इस समय कोई नही आता गाँव वाले अपने काम १० बजे से पहले निपटाकर घर चले जाते हैं..ये रास्ता सुनसान है...मैं पहले भी तीन चार बार आ रखा हूँ तो मुझे पता है...और तेरी बुवा बता रही थी की उस रास्ते लोग बहुत कम जाते हैं क्यूँ की सब ऊपर के रास्ते ही जाते हैं....

तो मैंने कहा चिंता ना कर वो छोटा सा खेत है उसके कोने में जाकर बदल....सुमी मान गयी और खेत के कोने में चली गयी जहाँ से मुझे साफ़ दिखाई दे रही थी...वैसे उसे मेरे सामने कपड़े बदलने में कोई शर्म नही थी क्यूंकि सुमी मुझसे दो बार चुद गयी थी...

सुमी ने जैसे ही स्कर्ट निचे की और उसकी गोरी गोरी जांगे दिखी मेरा लंड तनने लगा...पहले सुमी बड़ी वाली पेंटी पहनती थी तो इस बार मैंने उसकी शोपिंग की और उसके सेक्सी वाली जालीदार पेंटी लाकर दी...जिसे पहनकर उसकी गांड बहार झलक रही थी...

क्या मस्त चुतड थे मेरी बिटिया के....मुझसे रहा नही गया तो मैंने सुमी के पास जाकर उसकी चूची दबाने लगा और एक हाथ उकी जांग पर फेरने लगा...सुमी कहने लगी पापा ये क्या कर रहे हो छोडो मुझे कोई आ जायेगा...मैंने एक नही सुनी और उसके ओंठ चूमने लगा...उसकी चूची दबाते रहा....वो मुझे रोकती रही मैं नही माना..और उसकी कच्छी के अंदर हाथ देकर उसकी बालों वाली चूत सहलाने लगा...

सुमी ने कहा पापा प्लीज छोड़ दो ना वैसे भी हमारा प्लान चुदाई का आज रात का था ही ...मैंने कहा बेटा तेरी गोरी गांड और जांगे देखकर मेरा मन बहुत है...आज मेरा मन बीच रास्ते में तुझे चोदने का हो रहा है..खुले आसामान के निचे कितना मजा आएगा...प्लीज ये चुदाई यादगार बनाते हैं....इस बार सुमी कुछ नही बोली..शायद वो गर्म होने लगी थी...उसे मजा आने लगा था...

मैंने उसकी चूत में ऊँगली दे रखी थी और एक साथ उसकी चूची दबा रहा था तो ओंठ उसके ओंठ चूस रहे थे....अब मैंने उसकी टेड टीशर्ट ऊपर करके उसकी ब्रा से एक चूची को बहार निकाल कर उसे चूसने लगा एक बच्चे की तरह....अब सुमी कहने लगी ''आऊऊ'' मेरा बच्चा दूदू पी रहा है..

पी मेरा बचा पी...अब मैंने सुमी एक टांग वहीँ खेत की दिवार पर खड़ा करके उसकी कच्ची नीचे करके उसकी रसदार मलाईदार चूत चाटने लगा...सुमी की चूत पर अभी हल्के हल्के बाल उगना शुरू हुवे हैं लाल चूत....कितनी मजेदार थी....जैसा मासूम चहेरा वैसी ही मासूम चूत भी...

मासूम थी फिर भी उसे फाड़ने का मन था...अब मैंने सुमी की चूत को अंदर तक चाटने लगा...रसदार चूत के रस का आनंद लेने लगा....सुमी अब बहुत गर्म हो चुकी थी...मेरा लंड पूरी तरह तन चूका था...सुमी बहुत तेजी से मति पेंट और फिर मेरा कच्छा नीचे करके जल्दी से मेरा लंड बहार निकाला और अपने मुह में घुसा कर चूसने लगी..

बहुत तेजी से मुह के अंदर बहार करने लगी...क्या आनंद था वो जब मेरी सगी बेटी ही मेरा लंड चूस रही....कितना मजा आ रहा था...सुमी मेरा लंड चूसे जा रही थी मैंने सुमी से कहा बेटा लंड का पानी निकलने वाला है तो सुमी ने कहा की निकलने दो..और सारा पानी उसने अपने मुह में समेट लिया....और लंड चाटने लगी...मेरा लंड अब मुरझा चूका था पर सुमी की प्यास वैसी ही थी...

मैंने कहा चिंता ना कर थोड़ी देर में खड़ा हो जायेगा...इतने में सुमी मेरे सीने से चिपक गयी और कुछ देर ऐसी ही रही...और कहने ली पापा मैं अभी भी गर्म हूँ...मेरी अपनी रांड बिटिया को ठंडा कर दो...अब मैंने फिर से उसकी गीली और चिकनी चूत में ऊँगली दी और अंदर बहार करने लगा...अब मैंने सुमी से कहा बेटा तो हाथ से पकड़ कर मेरा लंड हिला हिलाकर खड़ा कर ताकि मैं आज तुझे इस खेत में चोद सकूँ...

सुमी ने कहा हाथ से क्यूँ पापा मैं चूस कर खड़ा करती हूँ जल्दी हो जायेगा...और मेरा लंड मुह में दे कर अंदर बहार करने लगी..कुछ ही पल में मेरा लंड कड़क हो गया तो सुमी ने कहा पापा अब जल्दी करो...मैंने कहा ठीक है...मैंने सुमी को पर से पूरा नंगा कर दिया..तो कहने लगी पापा पूरी नंगी मत करो कोई आ जायेगा...मैंने कहा कोई नही आएगा और तेरा सुंदर जिस्म को नंगा करके चोदने में मजा आता...

मैंने उसे पूरा नंगा कर ही दिया और खुद भी नंगा हो गया....अब मैंने सुमी के एक टांग फिर से खेत की दीवार में रखकर उसकी चूत में वहीँ खड़े खड़े लंड अंदर डाल दिया और एक ही झटके में सीधा अंदर सुमी की चीख निकल गयी...अब मई धीरे धीरे सुमी की चूत में धक्के मारने लगा..हम दोनों को बहुत मजा आने लगा....

सुमी के मुह से तेज तेज आवाजें निकलने लग गयी वो भूल गयी की वो बीच रास्ते में अपने पापा से चुद रही है.....आह्ह्ह्ह पापा ...ओह्ह्ह्ह पापा...चोदो अपनी बिटिया को ....आह्ह्ह सुमी आपके लंड की प्यासी है....मुझे आपके लंड से बहुत प्यार है...

आह्ह्ह्ह पापा....और जोर से...फाड़ दो इस कुतिया सुमी की चूत....i love u पापा.... आह्ह्ह...ओह्ह्ह्ह...मुहाआआअ...उईईइ...पापा धक्के की स्पीड बढाओ....वोह्ह्ह्ह मेरे पापा...सुमी की गर्म साँसे मेरे मुह से टकराने लगी..सुमी सेक्स के सागर में गोते लगा रही थी....

ले मेरी सुमी रांड...आह्ह्ह्ह मेरी गुडिया....वोह्ह्ह्ह मेरी सुमी....सुमी की सिस्कारियां तेज हो गयी...उसकी सांसे तेज तेज चलने लगी....आह्ह्ह उह्ह्ह्ह i love u पापा....आह्ह्ह पापा आज अपने बच्चे की माँ दो मुझे....मैं आपके बच्चे की माँ बनकर सदा आपकी होना चाहती हूँ....

मैं सारी दुनिया छोड़कर सिर्फ आपकी होकर रहना चाहती हूँ...आह्ह्ह पापा i love u पापा....मैं खड़े खड़े ही अपनी बेटी सुमी की जमकर चुदाई कर रहा था..सुमी को भरपूर मजा दे रहा था...धक्कों की स्पीड तेज हो गयी...फच फच फच की आवाज सुमी की चूत से आने लगी...

सुमी अब चरम सीमा पर थी और जोर से आवाजें कर रही थी...उसकी आवाज से पूरा जंगल गूंजने लगा...मैंने सुमी को कहा आवाज थोड़ी निचे कर मेरी रांड कोई सुन लेगा..तो कहने लगी सुनने तो मुझे मेरा पति ही चोद रहा है....आज से मैंने आपको अपना पति अपना सब कुछ मान लिया..अब तुम्ही मेरे सब कुछ हो.... आह्ह्ह्ह ऊओह्ह्ह मेरे पति ...मुझे पत्नी ना सही अपनी रखेल ही बनाकर रखना...

चोदो मेरे पति देव... आह्ह्ह्ह..आज से ये सुमी तुम्हारी पत्नी बन गयी....बस अब जल्दी से माँ बना दो....आह्ह्ह्ह पापा ओह्ह्ह्ह मेरे पति....सुमी की चूत एकदम टाईट थी लग नहीं रहा था कि वो पहले भी दो बार चुदी हुई है... मैंने अपना लंड बाहर खींचा और फिर से अंदर डाल दिया... इस बार सुमी के मुंह से सेक्सी आवाज़ निकली... 

मैं जोर जोर से सुमी की चूत चोदने लगा और उसके बड़े-बड़े बूब्ज़ मेरे झटकों के साथ हिलने लगे... सुमी अपने हिलते हुए बूब्ज़ को पकड़ कर दबाने लगी और उसका चेहरा चुदाई के नशे से चहक रहा था... मेरे लंड के अंदर-बाहर होने से सुमी की चूत बिल्कुल गीली हो गई और फच्च फच्च की आवाज़ें आने लगीं... हम दोनों अपने रिश्ते से बेखबर हो कर चुदाई का आनंद ले रहे थे....

मैंने सुमी को उल्टा लेटा कर दिया, मैंने सुमी की टांगें खोलकर उसकी चूत पर लंड लगा दिया और उसके कंधों को कस को पकड़ लिया... मैंने झटका मारकर अपना लंड सुमी की चूत में घुसा दिया और चूत चोदने लगा... चूत में लंड का अंदर-बाहर होना और सुमी के नर्म चूतडो़ं का स्पर्श मुझे अजीब सी मदहोशी दे रहा था.. मैं दनादन झटके मारकर अपनी सगी बेटी को मस्ती से चोदने लगा और सुमी भी बड़ी गर्मजोशी से अपने सगे बाप का लंड ले रही थी... 

मेरे हर झटके से सुमी के मुंह से कामुक आहें निकलती और मेरा जोश और भी बढ़ जाता.. जब सुमी मस्ती में चिल्लाती तो मैं जोश में आकर और भी तेज़ी से उसकी चूत चोदता...मैं सुमी को चोदते हुए हांफने लगा तो सुमी ने मुझे नीचे लेटा दिया.. वो मेरे ऊपर आ गई और मेरी छाती को जीभ से चाटते हुए मेरे निप्पलों को मुंह में भर कर चूसने लगी... 

उसने अपनी चूत मेरे लंड पर टिका दी और दोनों हाथ मेरी छाती पर रख दिए... सुमी ने मेरे दोनों हाथ अपने बूब्ज़ पर रखकर अपनी गांड नीचे धकेल दी और मेरा लंड फिर से सुमी की चूत की गहराई की सैर करने लगा.. सुमी उछल उछल कर मेरा लंड अपनी चूत के अंदर-बाहर करने लगी और मैं उसके बूब्ज़ मसलने लगा....आह्ह क्या मजा आ रहा था...

सुमी कहने लगी पापा मजा आ रहा है न अपनी रांड बिटिया के साथ...मैंने कहाँ हाँ बेटा तेरे साथ नही आएगा तो किसके साथ आएगा...तू तो 100 साल के बुड्डे को भी भरपूर मजा दे....हाँ पापा...आह्ह्ह्ह और सुमी उपर जोर जोर से चोदने लगी...अब सुमी कहने लगी पापा मुझे अपनी गोदी में लेकर खड़े खड़े चोदो...मैंने सुमी को अपनी गोदी में लिया और खड़े खड़े चोदने लगा...

अब सुमी की सिस्कारियां और तेज हो गयी...उसने जोर जोर से मेरे ओंठ चोसना शुरू कर दिया...और मैंने भी अपनी धक्कों की स्पीड बड़ा दी...सुमी झड़ने वाली थी इसी लिए मुझे जोर जोर से किस कर रही थी...उसका बदन अकड़ने लगा और कुछ ही देर में सुमी झड़ गयी..और कहने लगी पापा आप भी झडो में मेरी चूत में मैंने भी अपने लंड का गर्म गर्म वीर्य उसकी नाजुक और गीली चिकनी चूत में छोड़ दिया...कुछ देर मैंने सुमी को ऐसे ही अपनी गोदी में रखा और हम दोनों चूमा चाटी करते रहे...

अब मैंने अपनी बिटिया को निचे उतारा सुमी कपड़े पहनने लगी तो मैंने उसे रोका और कहा यहाँ कोई नही आगे थोड़ी दूर तक ऐसे ही नंगे चलते हैं...क्यूंकि थोड़ी दूर पर एक झरना था दोहपर के एक बज गये थे गर्मी भी हो गयी थी और हम जबर्दस्त चुदाई करके थक भी गये थे तो मेरा प्लान उस झरने में नंगे नहाने का था...अब हम उपर को ऐसे ही नंगे चले..

मैंने अपनी सुमी की नंगी कमर में हाथ रख दिया...थोड़ी दूर चले झरना आ गया...हम झरने में नंगे नहाने चले गये..अब आपको पता ही जब खूबसूरत लड़की के साथ झरने में नंगे नहाने को जाओ तो चुदाई का मूड हो जाता है..मैंने सुमी को कहा बेटा मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया...तो सुमी कहने लगी मैं मना करुँगी तो आप कौन सा मानने वाले हो...करो पापा जो करना है....

तुम्हारी इस रांड बिटिया की चूत तुम्हारे लिए धर्मशाला है कभी भी घुसा दो....झरना होने कारण वहां एक छोटा सा तालाब भी बन गया था..मैंने अपनी बिटिया को उसी तालाब में पटक कर पानी के अंदर ही उसकी चूत में लंड घुसा दिया...और घक्के मारने लगा....सुमी कहने लगी पापा उससे ज्यदा चुदने में तो पानी के अंदर मजा आ रहा है....

आज आपने अपनी सुमी रांड को जी भरके नये नये मजे दे दिया..मजा आ गया ..i love u my sweet heart....आह्ह्ह्ह पापा....पानी के अंदर धक्कों की खूब आवाज आ रही थी ..छपाक छपाक.....झरने के ठंडे पानी से भी हम दोनों की गर्मी खत्म नही हो रही थी..धक्कों की स्पीड और सुमी की आवाजें तेज हो गयी....मैंने सुमी से कहा बेटा इस बार लंड का माल तेरे मुह में गेरुंगा...सुमी ने कहा पापा जहाँ मर्जी गेरना आपकी रांड हूँ  जो चाहे वो करना..पर अभी अपनी बिटिया को खूब पेलो...चूत फाड़ दो...

आह्ह्ह्ह पापा i love u पापा....ऊओह्ह्ह्ह पापा उईईईईई...आज तहस नहस कर दे मति चूत का ....हम दोनों चरम सीमा में थे...झड़ने वाले थे मैंने लंड बहार निकाला और सुमी से कहा बीटा लंड हिला हिला के खुद ही लंड का माल मुह में ले...सुमी ने ऐसे ही किया और सारा माल चाट के साफ किया...और कहा पापा आज सच में बहुत मजा आया यादगार बना दी आज आपने ये चुदाई...muhhhhaaa और किस करने लगी...

फिर नंगे ही मेरे सीने से चिपक गयी...उसके बाद उसने मुझे उसी तालाब में अपने हाथ से नहलाया...मेरा लंड खूब साफ़ किया...2 बज चुके थे...हमने कपड़े पहने और चल दिया....वहां हम 3.30 बजे पहुंचे...हमने जल्दी पहुँच जाना था पर दो बार की चुदाई ने हम दोनों को थका दिया तो हम आराम से गये...वहां पहुंचते ही हम खाना गया..थोड़ी वहां गाँव में घुमे...रात को मेहँदी थी... 

हमने पहले रात का खाना खाया उसके बाद सुमी मेहँदी लगाने चली गयी..दुल्हन को उसी ने मेहदी लगानी थी क्यूंकि उसने इसका कोर्स कर रखा था..मेहँदी लगाने के बाद हम थोड़ी देर नाचे...अब रात की 11 बज चुके थे..हम अपने रूम में सोने के लिए...रूम में आते ही मैंने सुमी को गोदी में उठाया और उसे किस किया....तो सुमी ने कहा पापा अभी भी मरे चुदाई होने वाली है...

मैंने कहा हाँ ..ऐसी रात में कहाँ छोड़ने वाला..पापा मैं बहुत थक गयी हूँ...तो मैंने कहा तेरा मन नही तो कहने लगी मन तो है पर....मैंने कहा बस.. रात अपनी बात अपनी... जिस रूम में हम थे उसी रूम में दुल्हन का सारा मेकप का सामान था ..और दुल्हन का जोड़ा भी...मैंने सुमी से कहा अब यहाँ कोई नही आने वाला तू दुल्गन बन जा...आज रात हम सुहागरात मनाएंगे...

एक पति पत्नी की तरह...सुमी ने कहा हाँ पापा मैं भी कब से रही सोच थी की कब आएगा वो दिन जिस दिन मैं दुल्हन के रूप में आपसे सुहाग रत मनाउंगी....मैंने कहा बीएस वो दिन आज है और बन जा मेरी दुल्हन एक रात के लिए...सुमी ने कहा थी है आप बहार जाओ मैं दुल्हन बनकर सजकर सेज पर बैठी रहूंगी...सेज तो नही था पर बेड था और नर्म गदा भी...अब मैं बहार चला...

वहीँ छत में टहलने लगा..आधा घंटे बाद मैं अंदर चला गया...सुमी दुल्हन के रूप में सजकर बैठी थी...आह क्या सुंदर लग रही थी...पहचान में आ ही नही थी..उसको मेकप करना अच्छी तरह आता था...पूरी तरह दुल्हन लग रही थी..कितनी मस्त थी मेरी सुमी...आज हम दोनों सुहाग रात मनाने वाले थे....अब मैं सुमी के पास गया और दोनों हाथ उसके मुलायम गालों पर रख कर उसके मक्खन जैसे ओंठ चूमने लगा....

सुमी मेरी जान आज तुम इस साड़ी में बहुत सेक्सी लग रही हो, आज तो में पूरी रात तुम्हे सोने नहीं दूँगा, क्योंकि आज तो तुम्हारा एक एक अंग मुझे देखना है.चूमना है. और में तुम्हे नीचे लेकर ऊपर तक जी भरकर देखना चाहता हूँ..प्यार करना चाहता हूँ...सुमी ने कहा जैसे मेरे पतिदेव की इच्छा...आज ये सुमी आपकी पत्नी है...जी भरके प्यार करो...निचोड़ दो आज अपनी पत्नी सुमी को...आओ मेरे पति मुझमें समां जाओ.....

मैं कहने लगा सुमी  आज तेरे बूब्स को चूसूंगा और इनका रस पीऊँगा और ऊपर से लेकर नीचे तक तुझे किस करूँगा, तेरे हर एक अंग को में किस करूँगा...सुमी कहने लगी हाँ मेरी जान..करो आज जी भरके...ऐसी सेक्सी बातें और किस करते करते आधा घंटा हो गया...तो सुमी कहने लगी मेरे पतिदेव आज अपनी सी पत्नी को नंगा कर दो....आज मेरी नथ उतार दो...आज मेरी चूत को ऐसे चोदना की ये खूब से लथ पथ हो जाय...

अब मैं सुमी को धीरे धीरे नंगा करने लगा उसके एक एक गहने उतारने लगा...अब उसके सरे गहने उतर चुके थे अब मैंने उसकी सारी उतार दी..अब सुमी मेरे सामने पेटीकोट और ब्लाउज में थी..वाह क्या गजब की बला लग रही थी...मैं सुमी के बूब्स उसके ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा तो सुमी ने कहा मेरे पतिदेव उपर से क्या दबा रहे हो इन को आजाद करो और जी भर के मसलों दबाव चुसो...ये सिर्फ तुम्हारे हैं...

अब मैंने ब्लाउज से सुमी की चूचियां बहार निकाल दी उसने अंदर ब्रा नही पहनी थी...सुमी की चूचियां मैंने पहले भी देखि थी दबाई थी मगर आज कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही थी....अब मैं उनको सहलाने लगा...चूसने लगा ..उनको दबाने लगा...सुमी कहने लगी ओह्ह्ह मेरे पति देव क्या चूसते हो .मजा आ गया...चूस मेरे राजा आज अपनी पत्नी सुमी की चूचियां खूब चूस...

अब मैंने धीरे धीरे सुमी का पेटीकोट ऊपर जांगों तक सरका दिया और उसकी जांगे सहलाने लगा...और धीरे धीरे अपने हाथ उसकी गर्म चूत पर ले गया जहाँ ज्वालामुखी था...मैं उसकी चूत सहलाने लगा..सुमी कहराने लगी...आह्ह्ह्ह ...सुमी कहने लगी पापा ऊँगली से काम नही चलेगा अपना लंड डालो...मैंने कहा पापा नही पति...सुमी...हाँ मेरे पति...लंड डालो...

मैंने सुमी का पेटीकोट उपर करके उसकी चूत में लंड डालने लगा...दोपहर में दो बार चुदने के बाद चूत में एक दम से लंड घुस गया...अब मैं धक्के मारने लगा..सुमी की सिस्कारियां बड़ने लग गयी...आह्ह्ह्ह मेरे राजा....आज जैसे दुल्हन बनाया बस वैसे ही मुझे माँ बना दो..अपने लंड का गर्म गर्म वीर्य में मेरी चूत में गेर कर मुझे अपने बचे के माँ बना दो....आःह्ह उऊऊऊउईई....i love u my sweet huby...i kiss u baby.....रगड़ दो आज अपनी पत्नी बेटी और प्रेमिका को..खूब रगड़ों अपनी इस रांड को..आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह्हह्ह्ह ....shhhhhhhhhhhh....

पापा आज अपनी इस पत्नी के चूत का भोसड़ा बना दो...आह्ह्ह्ह पापा...चोदो और जोर से चोदो अपनी दुल्हन को...पापा मेरा पेटीकोट निकाल दो अपनी पत्नी को पूरी तरह से नंगा करके चोदो..फाड़ दो आज मेरी चूत ...अब मैंने सुमी से कहा घोड़ी बन जा...सुमी घोड़ी बन गयी मैंने पीछे से उसकी गर्म चूत में लंड घुसा दिया और धक्के मारने लगा..अब सुमी अपने पापा से घोड़ी बनकर चुद रही थी...

मैं भी फुल स्पीड में धक्के मारे जा रहा....इस पोजीशन में सुमी को चोदते 15 मिनट हो गये तो सुमी कहने लगी पापा अब मैं आपकी उपर से आकर आपको चोदूंगी...मैंने कहा ठीक है...मैंने नीचे लेट गया सुमी ने अपना मुह मेरी तरफ करके मेरा लंड अपने हाथ से पकडकर चूत में मुह पर सटा दिया..और उपर से जोरदार झटका मारा ...मेरा पूरा लंड नीचे से उसकी चूत में घुस गया...

अब सुमी ऊपर से ताबड़ तोड़ धक्के मार कर अपने पापा को चोदने लग गयी...आह्ह्ह्ह क्या मजा आ रहा था....मैंने कहने लगा आःह्ह्ह सुमी बेटा और जोर से कर उपर से...अंदर बच्चेदानी तक घुसा से अपने बाप का लंड....आह्ह्हह्ह मेरी गुडिया.... ओह्ह्ह...हम दोनों की आवाजों से पूरा कमरा महकने लगा....बहार ज्यादा आवाज में DJ पर गाने बज रहे थे ..इसलिए हमारी आवाजें बहार नही जा रही थी...

अब सुमी ने कहा पापा अपनी बेटी की एक टांग खड़ी करके चोदो..अब मैंने वैसे ही किया सुमी की एक टांग खड़ी करके उसकी चुदाई करने लग गया...सुमी कहने लगी वोह्ह बेबी मेरे दुदू चोसू...अब मैं सुमी के बड़े बड़े दुदू एक बच्चे की भाँती चूस रहा था...

अब सुमी जोर जोर से आवाज निकाल के बोलने लगी .आःह्ह्ह पापा मैं आने वाली हूँ.... ओह्ह्ह्ह पापा...स्पीड बढाओ मैं झड़ने वाली हूँ....मेरी स्पीड बढ़ गयी..और थोड़ी ही देर में मैंने लंड का सारा माल अपनी बेटी की चूत में डाल दिया...सुमी ने मुझे खूब किस किया और कहा पापा आज आपने मुझे सुहागरात का पूरा मजा दिया...i love u my sweet पापा.....

उसके बाद हम दोनों बहुत थक गये और ऐसे नंगे सो गये...पहले बार हम दोनों एक साथ नंगे सो रहे थे...सुमी ने कहा पापा प्लीज... अपना लंड मेरी छुट में डालकर ही सो जाओ...मैंने कहा बेटा अब ये मुरझा गया चूत में नही जाएगा...

तो सुमी ने बिना कुछ बोले लंड को मुह में लेकर चूसने लगी...10 मिनट तक चूसती रही..इतने में लंड खड़ा हो गया तो कहने लगी पापा मैंने अपनी जान को खड़ा कर दिया अब आप अपनी जान में मेरी जान को घुसा कर सो जाओ...

मैंने सुमी का एक पैर अपने उपर रख कर लंड उनकी चूत में घुसा दिया और हम दोनों सो गये....सुबह 5 बजे नींद टूटी तो देखा सुमी मेरा लंड चूस रही थी...मैंने कहा क्या हुवा बेटा रात को प्यास नही बुझी...

पापा बुझ तो गयी पर अभी फिर चुदाई का मन हो रहा है...एक बार फिर हम चुदाई के सागर में गोते लगाने लगे...सुमी ने कहा पापा सुबह सुबह चुदने का मजा ही कुछ और है..मैंने सुना था की सुहागरात के बाद पति पत्नी एक बार सुबह भी चुदाई करते हैं तो मैंने भी सोचा हम भी करें...

एक बार फिर हम दोनों ने जमकर चुदाई की...और फिर सो गये...10 बजे आराम से उठे....आज ही बारात आनी थी...हम दोनों नहा के तैयार हो गये...मेरी सुमी ने रेड साड़ी पहन रखी थी..उसका नावेल साफ़ दिखाई दे रहा उसकी नाभि दिखने से वो गजब की सेक्सी लग रही वहाँ के सब लडकों की नजर मेरे माल पर थी...

पर मेरा माल किसी को भाव ही नही दे रहा था...इस कहानी में बस इतना बाकी अगली कहानी में..धन्यवाद....कहानी कैसी लगी मुझे मेल जरुर करें....ये कहानी काल्पनिक नही है..सत्य है.....