चुत का भोसडा बना दिया

नमस्कार मित्रों मेरा नाम अमित है, और मै नाशिक का रहने वाला हूं। यह मेरी पहली कहानी है, उम्मीद करता हूं कि, आप सभी लोगों को यह कहानी पसंद आ जाए। इस कहानी में पढिए, कैसे रास्ते मे मिली एक अनजान लडकी को लिफ्ट देकर मैने अपने कमरे में लाकर उसके चुत का भोसडा बना दिया। यह कहानी दो महीने पहले की है, जब मै अपने काम से नागपुर में था। तब मुझे मेरे बॉस ने वहां तीन महीने रुककर वहां का काम संभालने को बोला था। तो फिलहाल कुछ समय के लिए नागपुर की शाखा का हेड मै था। और सबकुछ मुझे ही देखना पडता था।
एक दिन ऐसे ही ऑफिस में काम करते करते बहुत देर हो चुकी थी, लगभग दस बजे के बाद मै अपने ऑफिस से निकला। पूरे रास्ते सुनसान पडे थे। मै अपने घर की ओर निकल पडा, थोडा आगे बढा ही था कि, रास्ते के बगल में एक सुंदर सी लडकी सब आने जाने वालों से लिफ्ट मांग रही थी। मैने सोचा वैसे भी अकेले ही जा रहा हूं, अगर बात बन गई तो मजे है और नही बनी तो ऐसे भी कब बनी थी। तो मैने उसके पास जाकर अपनी गाडी रोक दी। तो उसने कहा कि, उसे भी मेरे घर के रास्ते मे ही जाना है। तो मैने उसे लिफ्ट दे दी, और अब हम दोनों आगे बढने लगे।
ऐसे ही बातों बातों में उसने अपना नाम रानी बताया, लेकिन उसके बाद उसने जो बताया, वो सुनकर मै हैरान रह गया। उसने बताया कि, वो एक वेश्या है, और अभी एक कस्टमर के पास ही जा रही है। तो मैने उससे कहा, “देखने से तो ऐसा लगता नही है कि, तुम एक वेश्या हो, और ऐसा काम करती होगी।”
तो उसने कहा, “इस कहानी के पीछे का राज बहुत लंबी है।”
मैंने भी कह दिया, “अभी हमारे पास आधा घंटा और है, पहुंचने में। तो इतने समय मे तो बात पूरी हो ही जाएगी।”
फिर उसने अपनी कहानी बताना शुरू कर दिया। वो बोलने लगी-
मै एक अच्छे खानदान से हूं, और हर लडकी के मां-बाप की तरह मेरे भी माता-पिता का सपना था कि, मै अच्छे से पढ-लिखकर अपने पैरों पर खडी हो सकूं। बचपन मे मै पढाई में होशियार भी थी, तो उनकी उम्मीदें और बढने लगी। लेकिन हम में से किसीने भी कभी सोचा नही था कि, हमारे जीवन मे कभी ऐसा भी हो सकता है। जब मैंने अपनी बारहवी की परीक्षा दे दी, और अब एक महीना मेडिकल की परीक्षा के लिए बचा था। मैंने पूरे साल मेहनत की थी, तो सबको लगता था कि, मै आराम से अच्छे नंबर ला सकती हूं।
मेरे पापा इनकम टैक्स विभाग में एक उच्च पद पर अधिकारी थे। और उसी वक्त उनके किसी दुश्मन ने उन्हें फसाने के लिए उनपर एक झूठा केस डाल दिया। और उनकी गाडी में पैसों से भरा हुआ एक सूटकेस रख दिया, तभी पापा को पुलिस ने पकड लिया। और उनपर तरह तरह के आरोप लगाकर उन्हें पूरी तरह से फसा दिया। पापा को भी पता था कि, अब इस दलदल से निकलना बहुत मुश्किल है, तो उन्होंने मुझे और मेरी मां को कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर जाने के लिए बोल दिया। तो पापा के कहे अनुसार हम दोनों वो शहर छोडकर कुछ दिनों के लिए दूसरे शहर चले गए। लेकिन जब पापा के बारे में तरह तरह की अफवाएं सुनने में आई, तो माँ ने मुझे उनके मायके में छोडकर वो खुद पापा से मिलने गई। लेकिन उस दिन के बाद से मै कभी वापस अपनी माँ से मिल नही पाई। किसी को भी अब तक पता नही चला कि, मेरी माँ अचानक से गायब कैसे हो गई।
मां मुझे अपने भाई के पास छोडकर गई थी, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि, मां अब वापस नही आ पाएगी, उनका मेरे प्रति व्यवहार पूरी तरह से बदल गया। अब वो मुझे हर बात बात पर ताने मारने लगे थे। एक दिन तो मामा ने हद कर दी, वो पूरी तरह से दारू के नशे में धुत्त होकर घर आए, और सीधे मेरे कमरे में आकर मुझे अपनी बाहों में भरकर गालियां देते जा रहे थे। मैने उनको अपने ऊपर से हटाने की कोशिश की, लेकिन मामा के वजन के सामने मै एक छोटी बच्ची क्या करती। मामा मुझे थप्पड मारते हुए गालियां बके जा रहे थे।

उस दिन शायद मामा ने कुछ ज्यादा ही पी ली थी, उन्हें समझ नही आ रहा था मै कौन हूं। वो मुझे मामी समझकर मेरे कपडे उतारने लगे थे। मैने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तब उन्होंने मुझे और थप्पड जड दिए। फिर मै बस चुपचाप एक मरी हुई लाश बनकर उनके नीचे पडी रही। पहले तो उन्होंने मेरे सारे कपडे खींचकर, फाडकर निकाल दिए, उसके बाद मेरे नंगी होते ही, मेरे बदन पर हर जगह जगह पर मुझर चूमने लगे थे। साथ ही मेरी चूचियों को बहुत ही बुरी तरह से मसले जा रहे थे। एक समय तो ऐसा था, जैसे वो मेरी चुचियां उखाडकर बाहर ही निकालना चाह रहे हो। मै बहुत चिल्लाई, लेकिन किसी ओर भी कुछ असर नही हुआ। मेरी आवाज तो घर के बाहर भी गई होगी, लेकिन घर से कोई भी आकर मुझे उनसे नही बचाया।

मामा ने मुझे नंगी करने के बाद, मै ज्यादा चिल्ला रही थी तो मेरे मुंह मे मेरे कपडे ठूंसकर मुंह बंद कर दिया। और फिर मेरे हाथ ऊपर करके बांध दिए। अब मै कुछ नही कर सकती थी। यह मेरे जीवन मे पहली बार था जब कोई मर्द मुझे छू रहा था, वो भी खुद के मामा। फिर आगे बढकर मामा ने मेरी एक चूची को पकडकर दूसरी चूची पर चांटा मार दिया। मामा मेरे बदन को मसलते जा रहे थे, थप्पड भी मारे जा रहे थे, जिस वजह से मेरा पूरा शरीर ही अब लाल होने लगा था। तभी मामा बिस्तर से उठकर नीचे खडे हो गए, और अब वो खुद के कपडे भी उतारने लगे थे।
मै अपने मामा के सामने नंगी बिस्तर पर लेटी हुई थी, और मामा मेरे ही सामने नंगे होते जा रहे थे। नंगे होते ही मामा बिस्तर पर मेरे पास आ गए, और सीधे मेरे ऊपर आकर लेट गए। फिर उन्होंने मेरे पैरों को फैलाकर मेरे दोनों पैरों के बीच खुद के लिए जगह बनाई। और फिर अपना एक हाथ नीचे ले जाकर उनके लंड को मेरी चुत के द्वार पर रखकर एक जोर का धक्का मार दिया। धक्का मारते ही मुझे ऐसा लगा जैसे कोई मेरी जान ले रहा हो। मेरी जान अटक सी गई थी। जैसे ही मामा जी का लंड मेरे अंदर घुसा, दर्द की वजह से मेरी आँखों से आसूं आने लगे थे।
उसके बाद भी मामा ने मुझ पर कोई रहम नही दिखाया, और अगले ही पल उन्होंने एक और धक्के के साथ अपना पूरा लंड मेरी चुत के अंदर घुसा दिया।
मुझे तो उनके पहले धक्के के बाद से ही तेज दर्द होने लगा था। ऊपर से मेरा यह पहली बार था, वो भी मेरी मर्जी के खिलाफ, तो दर्द कई गुना बढ गया था। मामा भी मुझे इस तरह से चोद रहे थे, जैसे उन्हें कहीं भागे भागे जाना हो। उनके धक्के थे कि, रुकने का नाम ही नही ले रहे थे। मामा जी के तेज धक्कों की वजह से और दर्द से मै बेहोश सी हो गई थी, लेकिन फिर भी मामा ने कोई रहम नही दिखाया। वो अपने मे मस्त होकर मेरी चुत का बाजा बजाने में लगे हुए थे।

मुझे अब कोई होश नही था, उसके बाद मुझे नही पता कि, कितनी देर तक मामा मुझे चोदते रहे। इसके बाद मेरी आँख रात में खुली, तब तक सब सो चुके थे। मै उठकर अपने आप को देखने पर पता चला कि, मैं अभी भी उसी हालत में थी जो हालत में मामा मेरी चुत का बाजा बजाए जा रहे थे। उठकर सबसे पहले तो मैने बाथरूम जाकर अपने आप को साफ किया, और फिर कमरे में आकर दूसरे कपडे पहन लिए।

मुझे अब भूख भी लगी हुई थी, लेकिन घर मे खाने के लिए कुछ बचा नही था। और वैसे भी उस घर मे अब और ज्यादा रहने का कुछ फायदा तो था नही। तो मैने अपने सारे कपडे और बाकी की कुछ चीजें लेकर एक बैग में डाल दी। और रात में ही मैने वो घर छोड दिया।

इस तरह से मेरी पूरी जिंदगी बर्बाद हो गई, ना तो मुझे मेडिकल मिला और ना ही अपना परिवार। बस यही वो समय था जब मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। मेरे मामा ने मुझे चोदकर मुझे घर से निकलने के लिए मजबूर कर दिया और आगे और भी मुश्किलें मेरे लिए तैयार बैठी थी।
आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, आप कमेंट में जरूर बताइए। धन्यवाद।


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