मामा आज तो मजा आ गया

मैं गुजरात का रहने वाला एक मसाला व्यापारी हूं मैं मसालों का कारोबार पिछले 15 वर्ष से कर रहा हूं मैंने जब यह कारोबार शुरू किया था उस वक्त मेरी उम्र 25 वर्ष थी मेरे मामा जी यह काम किया करते थे लेकिन जब उन्होंने मुझे बताया कि बेटा तुम्हें भी यह काम शुरू करना है तो मैं तुम्हें मदद कर सकता हूं, उस वक्त मेरे मामा जी ने ही मुझे मदद की थी मेरे मामाजी मेरी हमेशा ही मदद करते हैं क्योंकि मेरे पिताजी की तबीयत ठीक नहीं रहती और वह घर पर ही रहते हैं इस वजह से मेरे मामा ने ही मुझे पढ़ाया लिखा है और उसके बाद मेरे कारोबार शुरू करने में भी मेरी मदद की। कुछ समय तक तो मैंने अपने मामा जी के यहां पर काम किया उसके बाद जब मुझे लगा कि अब मुझे अपना काम शुरू करना चाहिए तो मैंने अपना मसालों का कारोबार शुरू कर दिया और मेरे मसाले अब हर शहर में जाते हैं जिससे कि मेरी सामान की खपत भी अच्छी खासी है और मेरे पास काफी लोग काम भी करते हैं।

मैं अपने काम से बहुत ज्यादा खुश हूं और एक अच्छी जिंदगी जी पा रहा हूं मैंने अभी कुछ समय पहले ही अमदाबाद में घर लिया है इससे पहले मैं सूरत में रहा करता था अहमदाबाद में मेरी बहन की शादी भी हुई है और उसका ससुराल भी अहमदाबाद में ही है इसलिए वह भी मुझसे मिलने आ जाया करती है अब हम लोग अहमदाबाद में ही सेटल हो चुके हैं तो मैंने एक ऑफिस भी अपना अहमदाबाद में खोल लिया है ताकि मुझे सब जगह से आने वाले व्यापारियों से मिलने में आसानी हो क्योंकि अहमदाबाद के लिए सब जगह से आने में सुविधा होती है। मेरी बहन मुझसे उम्र में 10 वर्ष बड़ी है और कुछ ही समय बाद उसकी लड़की की शादी भी होने वाली थी, एक दिन मेरी बहन मेरे घर पर आई और कहने लगी रवि मैंने गुंजन के लिए लड़का देखा है और लड़के का परिवार भी बहुत अच्छा है मुझे तो सब कुछ बहुत पसंद है मैंने अपनी दीदी से कहा क्या आपने जीजा जी से भी बात की वह कहने लगी हां उन्हें भी लड़का बहुत पसंद है और वह कह रहे थे कि एक बार रवि से भी बात कर लेना।

रवि अगर तुम भी एक बार उस लड़के से मिल लेते तो अच्छा रहता मैंने अपनी दीदी से कहा ठीक है मैं उससे मिलूंगा लेकिन मैं उसे पहचानता नहीं हूं इसलिए आपको ही मेरे साथ चलना होगा ताकि हम लोग उससे बात कर सके, मैंने अपनी दीदी से कहा कि क्या गुंजन ने उस लड़के से बात की है तो दीदी कहने लगी कि गुंजन को मैंने अभी सिर्फ उस लड़के की तस्वीर ही दिखाई है क्योंकि उससे आगे हम लोगों ने अभी बात नहीं छेड़ी लेकिन एक बार तुम उस लड़के को देख लो और उसके बारे में थोड़ा जांच पड़ताल कर लो ताकि आगे चलकर कोई दिक्कत ना हो, मैंने अपनी दीदी से कहा कि ठीक है आप चिंता ना करें मैं सब संभाल लूंगा। मेरी दीदी और मैं जब उस लड़के से मिले तो हमने उस लड़के को सारी बातें अपने परिवार के बारे में बता दी, उससे भी बात कर के मुझे अच्छा लगा और लगा कि इससे गुंजन की शादी हो सकती है क्योंकि लड़का बहुत ही सामाजिक और व्यवाहरिक भी था मैंने तो अपनी दीदी से कहा कि दीदी आप गुंजन की शादी इस लड़के से ही करवा दीजिए यह बात करने में भी अच्छा है और काफी व्यवहारिक भी है और बाकी इसके परिवार की जानकारी मैं निकलवा लूंगा। अब वह निश्चिंत हो चुकी थी क्योंकि उनकी एकलौती लड़की है और वह नहीं चाहते कि वह ऐसे ही किसी के भी साथ उसका रिश्ता करवा दे इसलिए उन्हें इस बात की चिंता थी। मैंने दीदी से कहा आप लोग शादी की तैयारी कीजिए दीदी कहने लगी हां हम लोगों ने तो अब शादी करवाने की सोच ही ली है। कुछ ही समय बाद गुंजन की सगाई हो गई गुंजन भी हमारे घर पर आया करती है, जिस दिन गुंजन हमारे घर पर आती तो हम लोग उसे काफी परेशान किया करते और कहते कि अब तो तुम्हारी शादी होने वाली है और अब तुम अपने ससुराल चली जाओगे लेकिन गुंजन कभी भी किसी बात का बुरा नहीं मानती थी क्योंकि उसका नेचर काफी अच्छा है और वह भी बहुत समझदार है।

एक दिन गुंजन मुझे कहने लगी कि मामा जी क्या आप मेरे साथ शॉपिंग पर चल सकते हैं मैंने उससे कहा बेटा मेरे पास तो समय नहीं होगा तुम अपनी मामी को अपने साथ ले जाओ वह कहने लगी मामी को तो मैं अपने साथ लेकर जा रही हूं लेकिन हम लोगों को कार चलानी नहीं आती मैं सोच रही थी कि यदि आप हमारे साथ चलते तो आज मैं अच्छे से शॉपिंग कर पाती, मैंने भी गुंजन की बात को नहीं टाला और कहा कि चलो मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूं हम लोग शॉपिंग के लिए चले गए गुंजन तो सामान ले ही रही थी लेकिन मेरी पत्नी ने भी सामान ले लिया था और वह भी खुश थी क्योंकि मेरे पास समय ना होने के कारण मैं अपनी पत्नी को अपने साथ कम ही लेकर जाता हूं लेकिन उस दिन उसे भी मौका मिल गया था और उसने भी काफी कुछ सामान ले लिया था हम लोगों को शॉपिंग करते हुए 5 घंटे हो चुके थे और उसके बाद मैं वहां से अपने ऑफिस के लिए निकल पड़ा गुंजन और अपनी पत्नी को मैंने अपने घर ही छोड़ दिया था। मैं जब अपने ऑफिस के लिए निकला तो उस दिन वहां पर मेरा इंतजार एक व्यापारी कर रहे थे और वह मुझसे काफी दिनों से मिलने की सोच रहे थे लेकिन उन्हें समय नहीं मिल पा रहा था इसलिए वह मुझसे मिल नहीं पा रहे थे, मैं जैसे ही अपने ऑफिस में गया तो मैंने उन्हें कहा सर मेरी वजह से आपको काफी इंतजार करना पड़ा मैंने उन्हें बताया कि दरअसल मैं अपनी फैमिली के साथ आज शॉपिंग करने के लिए चला गया था वह कहने लगी सर कोई बात नहीं।

वह मेरे ऑफिस में ही बैठे हुए थे मैंने अपने ऑफिस के पियून को उनको बुलाया और कहा क्या तुमने साहब को चाय और पानी पिला दिया था वह कहने लगा जी सर मैंने सर को चाय पानी पिला दिया। उसके बाद मैंने उन्हें कहा हां सर कहिए आप मुझसे मिलना चाह रहे थे वह मुझे कहने लगे रवि जी मैंने आपके मसालों का सैंपल देखा था और मुझे काफी पसंद आया था आप की पैकिंग भी बहुत अच्छी है और आपका काम भी अच्छा है मैंने उन्हें कहा हां सर हम लोग पूरी मेहनत से काम किया करते हैं, मैंने उनसे पूछा सर आप कहां से आए हैं तो वह कहने लगे कि मैं राजस्थान से आया हूं वह कहने लगे कि मैं आपके साथ बिजनेस शुरू करना चाहता हूं आप मुझे बताइए कि क्या आप मुझे सामान सही समय पर भिजवा दिया करेंगे, मैंने उन्हें कहा सर मेरा सामान तो कई शहरों और कई राज्यों में जाता है आपको कभी भी हमारे साथ काम करने में कोई दिक्कत या परेशानी नहीं होगी आप बिल्कुल ही निश्चिंत होकर हमारे साथ काम कीजिए और आपको रेट के बारे में भी सोचने की जरूरत नहीं है हम आपको बिल्कुल कम दामों पर सामान उपलब्ध करवा देंगे जिससे कि आपको भी अच्छा खासा मुनाफा हो। वह मेरी बातों से बहुत प्रभावित हुए और मेरे साथ ही वह बिजनेस करना चाहते थे अब उन्होंने पूरी तरीके से सोच लिया था, मैंने उन्हें कहा कि क्या मैं आपको कुछ दिनों बाद सामान भिजवा दूं, वह कहने लगे ठीक है आप एक काम कीजिए मैं आपको सामान लिखवा देता हूं अभी शुरुआत में तो इतना सामान मुझे नहीं चाहिए लेकिन आप मेरे पास यह सारा सामान भिजवा दीजिएगा। उन्होंने मुझे सामान लिखवा दिया मेरे पास लगभग हर मसाले उपलब्ध होते हैं और उन्होंने मुझे पैसे भी दे दिए उसके बाद वह वहां से चले गए मैं भी बहुत खुश था क्योंकि मुझे एक बड़े व्यापारी से ऑर्डर मिला था उसके बाद मैं भी वहां से अपने घर चला आया गुंजन और मेरी पत्नी साथ में ही थे।

मैंने गुंजन से पूछा तुम अब तक घर नहीं गई गुंजन कहने लगी नहीं मामा जी मैं आज यही रुकना चाहती हूं। मैंने उसे कहा ठीक है तुम यही रुक जाओ, गुंजन घर पर रुक गई। वह मेरी पत्नी को अपने कपड़े दिखा रही थी वह कहने लगी मामा जी मैं भी आपको अपने कपड़े ट्राई करके दिखाती हूं। वह मुझे अपने कपड़े पहन कर दिखाने लगी जब वह मेरे सामने आई तो वह सुंदर लग रही थी। मुझे उसे देखकर कुछ होने लगा उस रात को ना जाने मुझे क्या हुआ मैंने उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिए। गुंजन अलग रूम में लेटी हुई थी मैं उसके साथ बैठने के लिए चला गया जब सब सो चुके थे। गुंजन रुम मे थी, मैंने देखा वह फोन पर बात कर रही थी वह अपनी चूत को मसल रही थी। मैं उसे देखकर पूरी तरीके से उत्तेजित हो गया मैंने उस दिन उसके साथ संभोग किया मैं जब उसके कमरे में गया तो मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया, उसके बदन से सारे कपड़े उतार दिए। वह मुझे कहने लगी मामाजी मत करो मैंने उसे कहा कोई बात नहीं कुछ नहीं होगा।

मैंने उसे पूछा तुम फोन पर किससे बात कर रही थी तो वह कहने लगी मैं अपने होने वाले पति से बात कर रही थी। मैंने उसके गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठो को अपने होठों से चूसना शुरू किया मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं काफी देर तक उसके होंठो को चुसता रहा। मैंने जब उसके स्तनों का रसपान किया तो उसे भी अच्छा लगने लगा मैंने जब उसकी टाइट चूत पर अपने लंड को सटाया तो वह मचल उठी। मैंने धक्का देते हुए उसकी चूत में लंड घुसा दिया गुंजन की सील टूट चुकी थी वह बड़ी तेजी से चिल्ला पड़ी। उसकी योनि में लंड जाते ही मेरे अंदर से एक अलग ही उत्तेजना पैदा हो गई मैं गुंजन को तेजी से धक्के मारता रहा उसकी योनि से तेजी से खून बह रहा था। वह अपने मुंह से सिसकिया ले रही थी, मैंने उसे कहा अब तम बडी हो चुकी हो। वह कहने लगी लेकिन आज आपने अपनी इच्छा पूरी कर ली। मैंने उसे कहा तो क्या हुआ इसमें क्या गलत किया क्या तुम्हें अच्छा नहीं लग रहा होगा। वह कहने लगी मामा मुझे भी अच्छा लग रहा है लेकिन मैंने कभी सोचा नहीं था कि शादी से पहले मैं किसी से अपने सील तुडवाऊंगी।


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