पहले प्यार का जाम तुम्हारे नाम

बड़े भैया राजेश मुझे कहने लगे कि सागर तुम मेरे दोस्तों को लेने के लिए एयरपोर्ट चले जाओगे मैंने भैया से कहा हां भैया मैं उन्हें लेने के लिए एयरपोर्ट चला जाऊंगा। भैया ने मुझे अपनी कार की चाबी पकड़ाई और मैं उन्हें लेने के लिए एयरपोर्ट चला गया मैं जब उन्हें लेने के लिए एयरपोर्ट गया तो वहां पर मुझे भैया के एक दोस्त का फोन आया मैं एयरपोर्ट के बाहर ही रुक गया था और वह लोग भी अपना सामान लेकर एयरपोर्ट के बाहर आ चुके थे। जब वह लोग मुझे मिले तो मैंने उन्हें कार में बैठने के लिए कहा और हम लोग वहां से घर के लिए निकल पड़े रास्ते भर भैया के दोस्त मुझे कह रहे थे कि राजेश की शादी की तैयारियां हो चुकी हैं। मैंने उन्हें कहा कि हां शादी की तैयारियां हो ही रही है और एक घंटे बाद हम लोग घर पहुंच चुके थे हम लोग एक घंटे बाद घर पहुंचे तो मैंने कार को अपने घर के पीछे के हिस्से में खड़ा कर दिया क्योंकि हमारा घर बहुत ही बड़ा है और वहां पर मैंने कार को पार्क कर दिया।

मैं जब भैया से मिला तो उनके दोस्त और वह लोग हंसी मजाक कर रहे थे मैंने भैया से कहा कि भैया यह चाबी आप अपने पास ही रख लीजिए तो राजेश भैया मुझे कहने लगे सागर तुम इसे अपने पास ही रखो। मैंने उन्हें कहा ठीक है भैया, भैया कहने लगे कि तुम पापा के साथ चले जाना पापा तुम्हें ढूंढ रहे थे, घर में पूरा सामान इधर-उधर बिखरा हुआ था और शादी की तैयारियों में कुछ पता ही नहीं चल पा रहा था।  जब मुझे पापा मिले तो पापा कहने लगे बेटा कुछ लोग आने वाले हैं तुम उनका ध्यान रखना, मैं अपने लिए बिल्कुल भी समय नहीं निकाल पा रहा था। शादी में सब लोग बहुत ही ज्यादा बिजी थे और मेहमानों को संभालने में मेरा तो सारा दिन निकल गया भैया की शादी की तैयारियां हो चुकी थी और दो दिन बाद बरात भी जानी थी सारे मेहमान आ चुके थे। और जिस दिन बारात गयी उस दिन बड़े ही धूमधाम से सारे बराती नाच रहे थे और बारात जब बैंक्विट हॉल में पहुंची तो वहां का नजारा देखने लायक था। मैं अपने मोबाइल से वहां का नजारा अपने मोबाइल में कैद करना चाहता था और तभी किसी ने मुझे बड़ी तेजी से टक्कर मारा और मेरा मोबाइल नीचे गिर पड़ा।

मैंने जब मोबाइल देखा तो मोबाइल की स्क्रीन तो पूरी तरीके से खराब हो चुकी थी और मुझे बड़ा दुख हुआ लेकिन मैंने उस मोबाइल को अपने जेब में रख दिया तभी सामने से एक लड़की आई और कहने लगी कि सॉरी मेरी वजह से आपका मोबाइल टूट गया। मैंने उसे कहा कोई बात नहीं उसके बाद वह लड़की वहां से चली गई भैया की शादी बड़ी धूमधाम से हुई और भैया के दोस्तों ने भी शादी का पूरी तरीके से मजा लिया उन्होंने शादी में जमकर ठुमके लगाए और सब लोग बड़े ही खुश थे। हमारे घर में भी खुशी का माहौल था हमारे घर में भाभी के स्वागत के लिए सब लोगों ने तैयारियां कर ली थी और भाभी का स्वागत भी अच्छे से हुआ। हमारे घर में नया मेहमान आ चुका था और भाभी को सब लोगों ने अपनी पलकों पर बैठा कर रख लिया था उन्हें सब लोग बहुत ही प्यार करते हैं। शादी के कुछ ही दिन हुए थे तभी एक दिन एक कूरियर बॉय आया और उसने मुझे कहा सर आपका कोरियर आया हुआ है मैं तो हैरान रह गया क्योंकि मैंने कोई भी कोरियर नहीं मंगाया था। जब मैंने उस पर नाम पड़ा तो उसमें मेरा ही नाम था मैंने उसे कहा ठीक है भैया मुझे दे दो मैंने उससे वह बॉक्स ले लिया और उसके बाद मैं जब उसको खोलने लगा तो मैंने देखा उसमें एक फोन था। मुझे कुछ समझ नहीं आया की यह फोन किसने दिया है और जब मैंने उसमें रखे एक छोटे से पेपर को खोला तो उसमें लिखा था कि उस दिन मेरी वजह से आपका फोन टूट गया था तो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा इसलिए मैं आपसे माफी मांगना चाहती हूं। मैं कुछ समझ नहीं पाया लेकिन वह फोन मुझे अंबिका ने हीं दिया था उसके बाद मैंने जब उस पेपर पर लिखे नंबर पर कॉल किया तो मैंने अंबिका से कहा तुम्हें यह फोन मुझे नहीं देना चाहिए था। वह कहने लगी देखिये मेरी वजह से आपका नुकसान हुआ और मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था तो मैंने सोचा कि क्यों ना मैं आपको फोन दे दूं इसीलिए यह छोटा सा गिफ्ट मेरी तरफ से समझ लीजियेगा। मैंने अम्बिका से कहा अब आपने मुझे गिफ्ट दे ही दिया है तो मुझे उसे संभाल कर भी रखना पड़ेगा और उसकी देखभाल मुझे ही करनी पड़ेगी।

उसके बाद हम लोग अक्सर एक दूसरे से फोन पर बातें किया करते थे हम लोगों की बातें अब बढ़ने लगी थी पहले हम लोग कुछ मिनट ही बातें किया करते थे लेकिन अब हमारी बातें घंटों में होने लगी थी। हम दोनों एक दूसरे से घंटो तक बात किया करते और मुझे अंबिका से बात करना अच्छा लगता हम दोनों एक दूसरे से मिले भी नहीं थे लेकिन हम दोनों को एक दूसरे का साथ अच्छा लगने लगा। जिस दिन हम दोनों की फोन पर बात नहीं होती उस दिन ऐसा लगता कि जैसे दिन ही खराब चला गया है हम दोनों ने अब एक दूसरे से मिलने का फैसला किया। पहली ही मुलाकात में हम दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठे और अंबिका के गोरे से रंग को देखकर मैं अपने आप को बिल्कुल भी रोक ना सका और मैंने उसे पहली बार ही गले लगा लिया। हम दोनों एक दूसरे से घंटों तक फोन पर बातें किया करते हैं और हम दोनों को एक दूसरे का साथ अच्छा लगने लगा था। मुझे भी अम्बिका के साथ बहुत ही अच्छा लगता और हम दोनों अब एक दूसरे से मिलने के लिए बेताब रहते मैं अम्बिका से जब फोन पर बात करता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। अम्बिका भी मुझसे कहती कि जिस दिन तुम मुझे फोन नहीं करते हो उस दिन पूरा दिन ही मुझे अधूरा महसूस होता है।

अंबिका और मैं एक-दूसरे के बिना अधूरे थे हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी नहीं रह सकते थे इसीलिए हम दोनों ने मिलने का फैसला किया। उस दिन हम दोनों की मुलाकात प्यार में तब्दील हो गई हम दोनों के बीच जो प्यार का सिलसिला चला वह अब तक नहीं रूक पाया है। अंबिका मुझसे मिली तो मैंने उसके होठों को चूम लिया और उसे पहली बार किस का सुख दिया। उसके होठों को चूमने में मुझे बड़ा अच्छा लगा और उसके गुलाबी होठों की नरमी को मैंने अपना बना लिया था। अब हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी नहीं रह सकते थे और अंबिका के साथ में हर रोज फोन पर बातें किया करता। मैंने अंबिका के सेक्सी फिगर का साइज भी पूछ लिया था उसके फिगर का साइज सुनकर तो मैं अपने आपको बिल्कुल भी ना रोक सका। मैंने अंबिका से कहा क्या हम लोग कभी सेक्स का आनंद ले पाएंगे? अंबिका चाहती थी कि वह मुझसे शादी कर ले और उसके बाद ही हम लोग सेक्स का सुख ले लेकिन मेरे अंदर की आग को मैं बुझाना चाहता था और उस आग को बुझाने के लिए सिर्फ अंबिका का मुझे सहारा था। मैंने अंबिका से कहा कि मुझे तुमसे मिलना है अंबिका कहने लगी लेकिन मैं तुमसे नहीं मिलना चाहती। मैं भी अपने आपको ना रोक सका मैंने जब अपने अंदर यह बात ठान ली थी कि मुझे अंबिका से मिलना है और उसके साथ सेक्स करना है तो मैंने वही किया। अंबिका की टाइट चूत को मैंने अपना बना लिया और जब मैं अंबिका से मिला तो वह मुझसे शर्मा रही थी। मैंने अंबिका से कहा तुम्हें शर्माने की आवश्यकता नहीं है तुम घबराओ मत मैं ने अंबिका को अपनी बाहों में भर लिया। हम दोनों के बदन एक दूसरे के बदन से टकराने लगे थे और मुझे बड़ा मजा आ रहा था।

मैंने अंबिका की योनि के अंदर उंगली घुसा दी जैसे ही मैंने अपनी उंगली को अंबिका की योनि के अंदर घुसाया तो वह चिल्लाने लगी थी और मुझे भी मज़ा आने लगा था। मैंने अंबिका के बदन से कपड़े उतारने शुरू किए तो उसकी ब्रा का हुक मुझसे खुल नहीं रहा था। वह मुझे कहने लगी मैं ही खोल लेती हूं मैंने उसे कहा नहीं मैं तुम्हारी ब्रा को खोल दूंगा। वह कहने लगी ठीक है मुझसे उसकी ब्रा खुल नहीं रही थी। मैंने उसकी ब्रा को ही तोड़ डाला मैंने उसकी ब्रा को तोड़ दिया था अब मैंने अपने दांतों के निशान अंबिका के स्तनों पर मार दिए थे उसके स्तनों से खून भी बाहर निकलने लगा था। मैंने जब अंबिका की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मेरा लंड उसकी योनि में नहीं घुस रहा था। मैंने अपने लंड पर तेल की मालिश की और मेरा लंड पूरी तरीके से चिकना हो चुका था कुछ देर तक मैंने अंबिका से कहा कि तुम मेरे मोटे लंड को अपन मुंह के अंदर समा लो।

उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया वह बड़े अच्छे से मेरे मुंह के अंदर मेरे लंड को ले रही थी मुझे अच्छा लग रहा था। काफी देर तक उसने मेरे लंड को चूसकर गिला बना दिया था उसकी योनि से भी पूरी तरीके से पानी बाहर निकलने लगा। मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर की तरफ करना शुरू किया था। जैसे ही मेरा लंड अंबिका की योनि के अंदर घुसा तो मैंने उसे कहा कि लगता है अब अंदर घुस चुका है वह चिल्लाने लगी। वह कहने लगी तुमने तो मेरी चूत ही फाड दी है मैंने उससे कहा कोई बात नहीं थोड़ी देर में तुम्हें मजा आने लगेगा। उसकी योनि पूरी तरीके से गिली हो चुकी थी उसकी चूत चिकनाई से भरपूर थी। जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर बाहर आसनी से जाने लगा था उसकी चूत का टाइट होने का एहसास हो रहा था और उसके टाइट हो चुकी चूत के अंदर जब अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया तो मजा आने लगा और मुझे बड़ा आनंद आता। मैं काफी तेजी से अपने मोटे लंड को अंदर बाहर करता जाता काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया जब मेरे लंड से मेरा वीर्य बाहर निकलने लगा तो मैंने अंबिका से कहा मैं अपने वीर्य को तुम्हारी योनि में ही डाल रहा हूं। वह कहने लगी हां डाल दो मैंने उसकी चूत के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया।


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