होटल में ले जाकर देसी प्रेमिका आरती की चूत की सील तोड़ी

नमस्कार दोस्तों...कैसे हो...मैं यशवंत राणा आज एक बार फिर लाया हूँ आपके लिए सच्ची कहानी...ये कहानी मेरी और मेरी माशूका आरती की है....क्या गजब की सेक्सी और हॉट थी आरती....उसे देखते ही लंड खड़ा हो जाता था...कसी हुवी चूचियां और पतली कमर...काले और लम्बे बाल...प्यारा सा मुखड़ा....फिगर एक दम मस्त था...किसी बॉलीवुड हिरोइन से कम नही थी...उसके फिगर का साईज़ 32-30-34 है...आरती के परिवार में उसके माँ-पापा और भाई हैं...गाँव की मस्त गोरी...हर कोई चोदना चाहता था उसे...मगर वो सिर्फ मुझसे ही खुश ही थी....बात उस दिन की जब उसका बर्थडे था...मैंने मिलने के लिए उसे बाज़ार बुलाया था....मैंने पहले से ही होटल का रूम बुक करा रखा था....सुबह के 10 बजे वो आ गयी...नीली साड़ी पहनकर...''उफ़''' क्या कातिल लग रही थी....आज तो सच में उसके हाथों कत्ल होने का मन हो रहा था....इतनी हॉट एंड सेक्सी...कई बार उसे कहा की बॉलीवुड में क्यूँ नही चली जाती....वो अगर किसी भी director या actor को अपना हुस्न दिखाती तो वैसे ही अनगिनत फ़िल्में मिलती....खैर उसकी इच्छा....पहले हमने केक काटा और फिर एक दुसरे के मुह में केक रखकर ओठों को चूमते हुवे केक खाया....फिर मैंने उसको हग किया, गोदी में उठाया और उसके होंठो को चूसने लगा और बहुत लम्बे समय से हम यह सब कर रहे थे तो इसलिए अब हमारे हाथ एक दूसरे के जिस्म को छू रहे थे, जिसकी वजह से हम दोनों धीरे धीरे जोश में आ रहे थे. फिर मैंने लाईट को बंद कर दिया और अब में उसको बेड पर लेकर खुद भी उसके पास लेट गया....अब में उसकी गर्दन पर किस करता तो कभी होंठो पर कभी कानों पर तो कभी गालों पर और उधर मेरा एक हाथ उसके छोटे, लेकिन बहुत मुलायम एकदम गोल गोल चुचियों को ब्लाउज के उपर से ही मसल रहा था, ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था और वो मेरे लंड को मेरे ट्राउज़र के ऊपर से ही मसल रही थी और में इस बीच दो बार झड़ चुका था और वो भी एक बार झड़ चुकी थी. फिर मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोना शुरू किया....और उसके बाद ब्लाउज को उतार दिया और अब में उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही चूमने, चूसने, दबाने लगा था और वो मेरे सर पर हाथ घुमा रही थी, उस समय हम दोनों को एक अजीब सा नशा हो गया था और जिसमें हम दोनों बिल्कुल पागल हो चुके थे और में अब उसके बूब्स को लगातार दबाता रहा, जिसकी वजह से वो जोर ज़ोर से कराह रही थी. उसकी वो सेक्सी आवाजे मुझे और भी जोश से भर रही थी....फिर कुछ ही सेकिंड में मैंने तुरंत उसकी ब्रा को भी उतार दिया और जब उसके वो बूब्स मेरे सामने आए तो में अब बिल्कुल पागल हो गया. में उन पर एकदम टूट पड़ा और में उन्हें अपने दोनों हाथों से बहुत ज़ोर से दबाता रहा, वो अजीब सी आवाज़ निकाल रही थी, आऊफफफफ्फ़ आआआहह आईईईई प्लीज थोड़ा धीरे करो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है यह कहने लगी और चीखने चिल्लाने लगी. अब मैंने सही मौका देखकर उसकी साड़ी भी उतार दी...अब वो पेटीकोट में थी..पेटीकोट नावेल से निचे बंधा था..उसकी नाभि मानो जैसे घायल कर रही हो...फिर मैंने धीरे धीरे उसका पेटीकोट हटाकर उसे नीचे से भी पूरा नंगा कर दिया और उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और हम दोनों नंगे थे. मैंने पहले बहुत सारी ब्लूफिल्म देख रखी थी तो में उसी तरह से रज़ाई के नीचे जाकर अब उसकी चूत को चाटने लगा. दोस्तों उसकी अजीब सी महक और एक अजीब सा स्वाद था, लेकिन में जोश में आकर लगातार चूसता रहा....हलके हलके बाल और टाइट कुंवारी चूत...ऐसी चूत तो लाखों-करोड़ों में भी नही मिलती...क्या गजब का आकर्षण था उसी कुंवारी चूत में.....80 साल के बुड्डे का लंड भी कड़क हो जाय....मैं आरती की चूत कुत्ते की तरह चाटे जा रहा था तभी मैंने महसूस किया कि वो मेरे कुछ देर चाटने के बाद झड़ चुकी थी और अब उसने अपना सारा गरम गरम पानी मेरे मुहं पर डाल दिया, लेकिन फिर भी में उसकी चूत को लगातार चाटता रहा और उसने अपनी गोरी गोरी जांघो के अंदर मेरा सर दबा दिया और फिर आगे पीछे होने लगी. अब मैंने उसकी चूत के अंदर अपनी एक ऊँगली को डाल दिया तो उसकी वजह से उसको हल्का सा दर्द हुआ और में पांच मिनट तक अपनी एक ही ऊँगली को डालता रहा, वो आहह उउहह ओफ़फ्फ़ और तेज तेज साँसे लेने लगी....फिर में उठा और उसे स्मूच करने लगा और अब मैंने उससे कहा कि तुम भी अब मेरे लंड को चूसो तो आरती अब मेरा लंड चूसने लगी, मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था, लेकिन में भी उसके चूसने के थोड़ी ही देर बाद उसके मुहं में झड़ गया और अब थककर उसके ऊपर लेटकर उसके बूब्स को चूसने लगा और उसकी चूत में ऊँगली करने लगा और जिसका वो भी मेरे साथ पूरा पूरा मजा ले रही थी, वो भी मेरे लंड पर अपने एक हाथ से सहला रही थी....फिर कुछ देर तक यह सब करने के बाद हम एक बार फिर से तैयार हुए. में उसके ऊपर ही लेटा रहा और अब मैंने उससे कहा कि तुम मेरा लंड अपनी चूत के मुहं पर लगाओ. फिर उसने तुरंत ऐसा ही किया और मैंने हल्का सा धक्का दे दिया, लेकिन मेरा लंड अंदर नहीं गया, क्योंकि आरती अब तक कुंवारी थी और चार पाँच ज़ोर से ज़ोर धक्के लगाने के बाद अंदर चला गया और वो भी आधा, लेकिन मेरी तरह उसे भी अब बहुत दर्द हो रहा था, क्योंकि आरती की चूत बहुत टाइट थी और अब वो दर्द से एकदम तड़प उठी और मचलने लगी चीखने चिल्लाने लगी और मुझसे बार बार अपनी चूत से लंड को बाहर निकालने को कहा तो मुझे धक्का देकर और अपने ऊपर से हटाने की उसने बहुत बार कोशिश की, लेकिन मैंने उसको नहीं छोड़ा और में उसको बहुत कसकर पकड़े रहा और उसे धीरे धीरे चोदता रहा....अब वो बहुत ज़ोर से रोने लगी और मुझसे कहने लगी कि प्लीज अब इसे बाहर निकाल लो उह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह में इस दर्द से मर जाउंगी प्लीज मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया और अब मैंने उसको स्मूच करते हुए एक ज़ोर का धक्का मारा दिया, जिसकी वजह से मेरा 6 इंच लंबा लंड पूरा का पूरा उसकी चूत के अंदर चला गया और वो उस दर्द से छटपटाने लगी और बिन पानी की मछली की तरफ तड़पने लगी, लेकिन मैंने उसे पूरी तरह से अपनी बाहों में बंद कर रखा था...फिर कुछ देर बाद वो थोड़ा सा शांत हो गई और में उसे धीरे धीरे धक्के देकर चोदने लगा. फिर कुछ देर बाद उसे भी मेरे साथ साथ अपनी चुदाई का मजा आ रहा था और उस पूरे रूम में चुदाई की आवाजे और महक फेल रही थी और मेरे आंड जब उसकी चूत के होंठ पर लगते तो पुकच्छ पूउक्छ पूछ पूछ की आवाज़ आती और अब वो मेरी कमर पर अपने दोनों हाथ रखकर खुद भी आगे पीछे होती और आहह औहह ओफफफफफूओ ऊह्ह्हह्ह्हह ऐसी आवाज़ निकालती....आरती कहने लगी वोह्ह्ह मेरे यश फाड़ दो आज अपनी आरती की कुंवारी चूत...मसल दो मुझे अपने लंड से....आज पूरा निचोड़ दो मुझे...जी भर कर चोदो मुझे....मेरी फुदी के चीथड़े उड़ा दो....फिर मैंने आरती को एक टांग उठा के चोदने लगा....कुछ देर आरती को ऐसे चोदता रहा..फिर मैंने उसे कुतिया बना कर भी चोदा.....उस दिन मैंने आरती को अलग अलग पोजीसन में चोद कर चुदाई का पूरा मजा दिया...चोदते चोदते मेरे लंड का माल आरती की चूत के अंदर ही झड़ गया...कुछ देर तक हम दोनों नंगे ही एक दुसरे के साथ चिपक कर रहे....कुछ देर बाद आरती ने मेरे मुरझाये लंड को अपने मुह में लेकर चूसना शुरू किया...चूसते चूसते उसने मेरा लंड फिर से खड़ा कर दिया...एक बार फिर मैंने आरती की जमकर चुदाई की...उसके बाद हम बाथरूम गये मैंने आरती की चूत के बाल भी बनाये...एक बार फिर मैंने उसे बाथरूम में चोदा...आरती कहने लगी की आज ही मुझे अपने बच्चे की माँ बना दोगे क्या....दोस्तों कहानी को ज्यादा लम्बा ना करते हुवे आपसे आज्ञा लेना चाहता हूँ.....बहुत जल्दी दूसरी कहानी लेकर आऊंगा...आपको ये कहानी कैसी लगी मुझे मेल जरुर करना...मेरी मेल आई डी है[email protected]


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