विधवा हुई सेक्सी औरत की चुदाई कर डाली

हाय फ्रेंड्स मेरा नाम सोनू है. मेरी उम्र 36 साल की है. मै उत्तराखंड के एक छोटे से शहर में रहता हूँ. मैं देखने में बहुत खूबसूरत तो नहीं हूँ. मेरा फेस कटिंग ज्यादा अच्छा नहीं हैं. लेकिन मेरा शरीर बहुत ही गठीला है. बॉडी का एक एक पार्ट अलग अलग लगता है. इसी में मेरा लंड भी है।


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जो हमेशा खड़ा रहता है. जब भी किसी औरत को देखता हूँ. मेरे लंड में शोले भड़कने लगते है. मेरे को देखकर कोई भी लड़की अपनी चूत नहीं देना चाहती. वो मेरे बब्बर से शरीर देख कर समझ जाती है. इसका तो घोड़े जैसा लंड होगा. लेकिन फिर भी मेरे किस्मत में एक जवान खूबसूरत मक्खन जैसी बदन वाली स्त्री का चूत लिखा था. जिसको मै देखते ही फ़िदा हो गया था. आज भी उसके नाम की मुठ मारता था. लेकिन किस्मत मुझे ऐसा मौक़ा देगा. मुझे इसका कभी अंदाजा भी नही था। दोस्तों मै आपके सामने अपनी सच्ची कहनी पेश करने जा रहा हूँ. दोस्तों बात ये बात 4 साल पहले की है. जब मैं 32 साल का था। मेरे पड़ोस में शादी थी. मै भी बारात गया हुआ था. लेकिन मुझे नहीं पता था कि पडोसी को इतनी खूबसूरत चूत वाली बीबी मिलेगी. उसका नाम रजनी था. मै तो शादी में ही देखते ही उस पर फ़िदा हो गया था. वो अपने ससुराल यानि के मेरे घर के पास ही रहने लगी. कभी कभी एक झलक उस चाँद जैसे मुखडे का हो जाता था. उसके चेहरे को याद कर कर के मुठ मार कर काम चला रहा था. तीन साल गुजर गए. उसने एक बच्चा भी पैदा किया.

अचानक एक दिन खबर मिली के उसके पति देव अब इस दुनिया में नहीं रहे. मै पहले तो बहुत दुखी हुआ. वो मेरा दोस्त था. लेकिन बाद में उससे कही ज्यादा मुझे ख़ुशी भी हो रही थी. बेचारी भरी जवानी में विधवा हो गई. आज भी वो बहुत गजब की माल लगती थी. मेरे को आज भी उसका बदन पहले से और ज्यादा रसीला लगता था. आज भी उसके होंठो में वही लालिमा भरी हुई थी. मैं अब चांस मारने के लिए उसके घर आने जाने लगा. एक दिन मैं बैठा था. अचानक रजनी बेहोश हो गई. मुझे पता था कुछ नहीं हुआ है. सोचते सोचते बेहोश हुई है. मैंने उसके ससुर से पानी लाने को कहा. वो पानी लाने नीचे गए हुए थे. मैंने उसके बदन को ऊपर से नीचे की तरफ देखा। उसके होंठो को छूते हुए उसे सहलाने लगा. अचानक मेरा हाथ उसके बूब्स की तरफ बढ़ने लगा. मेरा हाथ बूब्स के ऊपर आते ही उसने अपनी आँखे खोल दी. रजनी खुद को मेरी बाहों में देख कर झट से दूर हो गई. वो समझ चुकी थी कि मै उसे चोदना चाहता हूँ. लेकिन अभी ही तो उसके पति को मरे कुछ ही दिन हुए थे. मै घर चला आया. लेकिन मुझे उसकी नर्म मक्खन की तरह मुलायम बूब्स को मैं भूल ही नहीं पा रहा था. दो तीन महीने गुजर गए. उसके ससुर को कही जाना था. उन्होंने मेरे को अपने घर बुलाया. बहुत दिनों बाद मैं उनके घर गया हुआ था. वो अपने घर की जिम्मेदारी मुझ पर छोड़ दिए. सुबह सुबह बच्चे के लिए दूध लाने जाना था. रजनी बहुत खुश लग रही थी. मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था. दूसरे दिन मै जब उसके घर बच्चे को पीने को दूध लेकर गया तो वो बेहोश पड़ी थी.

मैंने कुछ देर तक उसे बाहों में लेकर निहारा. क्या मस्त माल दिख रही थी. बूब्स तो सफ़ेद कबूतर की तरह बाहर निकले हुए थोड़ा थोड़ा दिखाई दे रहे थे. साडी ब्लाउज में वो परी की तरह दिख रही थी. मैंने उसके चूंचियो को हाथो में भरकर दबाने लगा. वो कुछ ही पलों में आँखे खोल दी. मै चौंक गया. लेकिन मैंने उसे सब कुछ बता दिया. मेरे को लगने लगा था रजनी की चूत में भी खुजली होनी शुरू हो गई थी. वो मेरे बाहों में ही पड़ी हुई थी. मै भला क्यूँ उठाऊं उसे. उसके चिकने बदन को मैं अपने हाथों से सहला रहा था. वो अपनी आँखे धीरे धीरे बंद कर के खोलती रहती थी.

रजनी: मुझे पता नहीं क्या हो रहा है
मैंने पानी लाकर उसके मुह पर छीटे मारे तो वो उठकर खड़ी हो गई. बच्चा भी रोने लगा. उसको वो गोद में लेकर चुप कराने लगीं. साडी का पल्लू नीचे नीचे गिर गया. उसकी चूंचिया उस टाइट ब्लाउज से निकलने को बेचैन थी. लग रहा था जबरदस्ती उसे कैद कर रखी हो. मै उसे ही ताड़ रहा था. कि वो कहने लगी.
रजनी: क्या देख रहे हो जी
मै हिचकिचाते हुए: कुछ नहीं बच्चे को देख रहा था. बड़ा क्यूट है
रजनी: अच्छा तो तुम कुछ और ही दबा दबा कर मजा ले रहे थे तुम??
मै: क्या कह रही हो तुम?? मुझे नहीं समझ में आ रहा
वो हँसने लगी। अपनी बूब्स की तरफ इशारा करके कहने लगी.इसे कौन दबा रहा था.

मै भी हल्की सी स्माइल के साथ पूछा “तुम्हे सब पता चल रहा था”
रजनी: और नहीं तो क्या मैं बेहोश थोड़ी न थी
मै चौंक गया. कुछ देर तक ऐसे ही बात चली की वो मुझसे कहने लगी
रजनी: तुम जाओ अभी मुझे बहुत काम करना है. बच्चे को दूध भी पिलाना है
मै: मेरे को भी मिलेगा पीने को??
रजनी: नही
मैं: क्यों नहीं मिल सकता
रजनी: मिलेगा लेकिन रात को

मैने रात को पीने का वादा करके उसके घर से चला आया. दिन भर मैंने दूध पीने का इंतजार किया. अब तो दिन भर का इंतजार अपना रंग लाने वाला था. रात के 9 बज गए। मै उसके घर पर पहुच. वो विधवा औरत तो आज फिर से मॉडल बनी हुई थी. रजनी ने खूब अच्छे ढंग से सजी बजी मेरा इन्तजार कर रही थी. वो आज नया नया काले रंग की नाइटी पहने हुए थीं. बिल्कुल नागिन की तरह लपलपा रही थी. मैंने पहुचते ही उसे अपनी बाहों में भर लिया. इतने हक़ से पकड़ा जैसे मैं ही उसका पति हूँ. 

रजनी: क्या बात है आज बड़े रोमांटिक लग रहे हो
मै: क्या करूँ तुझे देख कर रहा ही नही जाता
रजनी: इसीलिए तुम उस दिन मेरी चूंचिया दबा रहे थे
मै: हाँ लेकिन मुझे लग रहा था कि तुम बेहोश थी
मैं उसके बोलते हुए लिप्स पर ही अपनी आँखे गड़ाए हुए देख रहा था. क्या जबरदस्त होंठ लग थे.

लाल रंग की लिपस्टिक पर काले रंग का लिपलाइनर गजब का कॉम्बिनेशन लग रहा था. मैंने देखते ही एक पल देरी न करते हुए. रजनी के होंठ पर अपना होंठ चिपका दिया. उसने ख़ामोशी से मुझे अपना होंठ चूसने दे रही थी. मैंने उसके होंठो को चूस चूस कर उसका सारा रस निचोड़ रहा था. रजनी भी बहुत ही अच्छे से मेरा साथ दे रही थी. कुछ देर तक लगातार चुम्बन का कार्यक्रम चालू रखा. उसकी साँसे तेज हो रही थी. वो जोर जोर से सूं.. सू…सूं….सूं…. की तेज तेज से साँसे निकाल रही थी. मै भी मजा ले लेकर होंठ चुसाई का काम जारी रखा.

मैंने उसके बूब्स को नाइटी ऊपर से ही दबाते हुए होंठ चूस रहा था. बूब्स दबाते ही रजनी “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईई इ ….अअअअअ….आहा …हा की सिसकारियां भरने लगती.मैंने होंठ पीना बंद किया. उसे देखते ही मैं हँसने लगा.

रजनी: क्या हुआ?? हंस क्यों रहे हो??
मैंने उसके गाल पर चपाट लगाते हुए कहा: बंदरिया लग रही हो
रजनी ने अपना मुह शीशे में देखा. फिर वो भी हँसने लगी. सारी लिपस्टिक उसके होंठो के चारो तरफ बिखरी हुई थी. वो काले मुख वाले बन्दर की तरह लाल लाल मुख वाली बंदरिया लग रही थी. सारा लिपस्टिक पास पड़े कपडे में पोंछ दिया. मैने उसकी नाइटी को खोल कर नीचे सरका दिया.रजनी अब मेरे सामने ब्रा पैंटी में खड़ी थी. मैं जस्ट उसके पीछे खड़ा उसके बदन को सहलाते हुए गर्दन पर किस कर रहा था. वो अपना हाथ उठाकर मेरे सर को दबाये हुए थी. मैंने रजनी की कमर को पकड कर गले को किस कर रहा था.

मैंने उसके मम्मो को देखने के लिए ब्रा की हुक पीछे से खोल दी. पट्टियों को पकड़ कर निकाल दिया. रजनी की मस्त बूब्स को देख कर मैंने अपना मुह पीने के लिए निप्पल पर लगा दिया. उसकी 36″ की बूब्स को दबाते हुए बच्चे की तरह पीने लगा. उसका दूध निकल कर मेरे मुह में आने लगा. मैने उसका दूध पी पी कर ख़त्म कर दिया. दांतो से निप्पलों को काटते ही मेरा सर पकड़ कर दबा लेती थी. मैंने धीरे धीरे से किस करते हुए नीचे की तरफ बढ़ने लगा. रजनी की नाभि को पर जीभ लगाकर चाटने लगा. वो सिकुड़ कर अपना पेट सिकोड़ लेती. उसकी पैंटी को पकड़ कर एक ही झटके में ही निकालना चाहा. लेकिन वो पैर के गांठो में जाकर फस गई. रजनी ने ही पैंटी को टांगो के ही सहारे से निकाला. वाह क्या मस्त चूत थी. लगता ही नहीं था देखने में की ये दो तीन साल की चुदी है. अब भी सारा माल भरा हुआ था। 

फूली चूत को देखकर मेरा मन मचलने लगा. मेरे को भी चोदने की बेकरारी होने लगी. मैंने पहले उसकी चूत का रसपान करने के लिए अपना मुह उसकी चूत पर लगा कर चाटने लगा. मैंने साँप की तरह अपनी जीभ निकाल कर उसकी चूत के दोनों टुकड़ो को चाटने लगा. एक एक टुकड़े को बारी बारी से चूस रहा था. चुप….चुप…चप….चप की आवाज के साथ चाट रहा था. रजनी अपनी टांगों को चूत के छूते ही सिकोड़ लेती. मैंने उसके दोनों को कस के जकड लिया। जल्दी जल्दी चूत चाटने लगा. उसकी चूत के दाने का आकार बिलकुल छोटे टेबलेट की तरह था.

मैं उसे मुह में रख कर चुलबुला रहा था. कभी कभी दांतो से काट लेता वो जोर से “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की आवाज के साथ चुसवा रही थी.मैंने भी अपना पैंट निकाला और 7″ का मोटा लंड उसके सामने प्रस्तुत किया. रजनी को भी लंड का दर्शन हुए काफी दिन हो चुका था. मेरे लंड को देखते ही उस पर झपट पड़ी. रजनी ने मेरे पप्पू का दर्शन करके उसे चूसने लगी. कुछ देर तक तो वो लॉलीपॉप की तरह चूसी फिर मेरे गोलियों को रसगुल्ले की तरह मुह में गपाक कर गई. मैंने अपना लंड छुड़ाया और उसकी टांगो को फैलाकर चूत पर रगड़ने लगा. रजनी को भी मेरा लंड चूत में लेने की बड़ी जल्दी थी. मैंने भी देर ना की चूत की छेद पर अपना लंड लगाकर धक्का मार दिया. आधा लंड जाकर उसकी चूत में फस गया. वो जोर जोर से “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” की आवाज निकालने लगी. मैंने और जोर का धक्का मार कर पूरा लंड उसकी चूत में समाहित कर दिया.रजनी जोर जोर से चिल्लाती रही. मै घचा घच पेलता रहा। पूरा कमरा आवाजो से भरा हुआ था. उसने भी अपनी चूत को उठा दिया. मेरा लंड जड़ तक उसकी चूत में घुसकर उसे आनंद दे रहा था. मैं बहुत हचक हचक कर उसकी चूत में पेल रहा था. रजनी सुसुक सुसुक कर चुदवाने में लीन थी. मैंने उसकी एक टांग को उठा कर लेट कर काम लगा दिया. कमर आगे पीछे कर के जोर जोर से चुदाई करने लगा. वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज के साथ बड़ी मस्ती से चुदवा रही थी. मैं उसके गांड पर हाथ मार मार कर उसे गर्म कर रहा था.


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रजनी अपनी चूत को हिला हिला कर चुदवाने लगीं. इतनी जबरदस्त चुदाई आज तक उसकी नहीं हुई होगी. उसने अपना नाखून मेरे गले में गड़ाना शुरू कर दिया. मैंने उसे उठाया फिर उसे झुकाकर अपना लंड कुत्ते की तरह पीछे से उनकी चूत में डाल दिया. कमर पकड़ कर उसकी चूत में इतनी जोर जोर से लंड डालने लगा. जो की वो आज तक याद कर रही है. मैने भी आज तक दुबारा वैसी चुदाई नहीं कर पाया. मैंने रजनी की चूत की फुल स्पीड में चुदाई करना शुरू कर दिया. वो भी अपनी गांड मटकाकर चुदवाने लगी। मै लेट गया. वो मेरे लंड पर चूत पर रखकर जोर जोर से उछल उछल कर चुदवाने लगी. मैंने अपना लंड उठा उठा कर जड़ तक पेलने लगा. लेकिन ये कार्यक्रम ज्यादा देर तक नहीं चल सका. मेरा लंड अब जबाब देने वाला था. मैंने उसकी चूत में ही पानी निकाल दिया. लंड को निकालते ही सारा माल नीचे गिरने लगा. रजनी ने गिरे हुए एक एक बूँद माल को चाट लिया. उसके बाद मैंने उससे अपना लंड चाटने को दिया. मेरे लंड को भी उसने चाट कर साफ़ कर दिया. हम दोनों ही चिपक कर लेट गए. उसके बाद मैंने कई बार रात में उठ उठ कर उसकी चुदाई की. कुछ दिन ही उसकी चुदाई कर सका. उसके बाद रजनी के ससुर का भी निधन हो गया. वो अपने मायके चली गयी.


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