भाभी की चूत दूध से धोई

अपने घर की औरतों की चूत चोदने का चस्का नहीं था मुझे पहले. लेकिन भाभी ने अपनी चूत दिखा के ममुझे पागल कर दिया दोस्तों! मेरा नाम अपूर्व सक्सेना हे और मैं 20 साल का हूँ. मेरे बड़े भाई की शादी कोमल भाभी से हुई हे. शादी के कुछ समय में ही भैया का युएसए का प्रोजेक्ट चालू हुआ तो कम्पनी ने अकेले ही उन्हें वहां भेज दिया!

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मेरी भाभी कोमल की उमर 30 साल हे मस्त हाईट हे और एकदम गोरी हे. भाभी की गांड एकदम बहार निकली हुई हे, भाभी हमेशा घर में टाईट लेगिंग पहनती हे और शोर्ट कुर्ती. भाभी की टाईट लेगिंग डेमेज ही रहती हे क्योंकि उनकी जांघे बहुत मोटी हे और जो लेगिंग नहीं फटी रहती उसे में फाड़ देता हु.

दोस्तों अब में कहानी को आगे बढ़ता हु. में एक दिन टीवी देख रहा था होल में सोफे पर बैठ कर. भाभी कुछ सब्जी काटने के लिए मेरे सामने एक टेबल पर बैठी. भाभी ने व्हाइट कुर्ती और रेड लेगिंग पहनी थी. अचानक मेरी नजर भाभी की लेगिंग पर पड़ी. भाभी के दोनों पैर बंद थे और वो स्टूल पर बैठी थी. मेने देखा की भाभी की लेगिंग चूत के पास से फटी हुई थी!!!

मुझे भाभी की व्हाईट चूत एकदम साफ दिख रही थी. में एकदम हेरान हो गया क्योंकि मेने पहली बार किसी की चूत को लाइव देखा था और वह भी मेरी अपनी भाभी की चूत. भाभी की चूत की लाइन भी दिख रही थी. मेरा लंड देख कर टाईट हो गया और भाभी अपने काम में बीजी थी. मेने गोर से देखना चालू किया. भाभी की चूत के अन्दर का हिस्सा भी दिखाई दे रहा था, मुझे बहुत मजा आ रहा था. इतने में डोरबेल बजी और भाभी ने कहा की देखो कौन आया हे..

मेने दरवाजा खोला तो हमारे ड्रायवर अनु थे, वह बाजार में कुछ सामान लेने गए थे. उन्होंने भाभी को सामान दिया और मेरे साइड में आकर बैठ गए और टीवी देखने लगे. में घभरा गया की अब में क्या करू? तभी मेरा ध्यान गया की अनु भाई ने भाभी की लेगिंग की तरफ देखा और घभरा के मेरी तरफ देखा और इशारा किया.

मेने कहा हां. फिर इशारे में कहा की भाभी को बोलो, मेने कहा नहीं मुझे डर लगता हे. मेने अनु भाई को बोला तुम बोलो उन्होंने कहा नहीं मुझे अच्छा नहीं लग रहा हे. भाभी अपने काम में बीजी ही थी. मेने देखा की अनु भाई भाभी की चूत को घुर रहे थे. मेने भी देखना चालू कर दिया. वो मुझे देखते फिर भाभी की चूत को देखते. में भी समज गया की इन्हें भी मजा आ रहा हे.

वो मुझे मुस्कुरा कर देखने लगे. मेने भी मुस्कुरा दिया और हम दोनों भाभी की चूत को निहारने लगे. भाभी की गोरी चिकनी चूत सामने थी ऐसा लग रहा था की जा कर किस कर दू. अनु भाई भी बहुत गोर से देख रहे थे उन्होंने भी अच्छे से देख लिया की में भी वही देख रहा हु. मेरा लंड तो मेरे लोवर से बहार आने लगा था. मेरी हालत बहुत ख़राब हो गयी थी. हम ने एक घंटे तक भाभी की चूत को देखा फिर भाभी उठ कर किचन में चली गयी.

में खड़ा हुआ तो मेरा लंड बहुत टाईट था जो लोवर में से साफ दिखाई दे रहा था अनु भाई ने देख लिया. मुज से कहा टेरेस पर चलो में उनके साथ टेरेस पर चला गया. हम वहा पर डिसकस करने लगे. उसने कहा कब से ऐसे बैठी हुई थी? मेने कहा आप के आने के थोड़ी देर पहले ही बैठी थी.

मेने कहा की मुझे शर्म आ रही थी इसीलिए मेने नहीं कहा. अनु भाई ने बोला मेने पहली बार मेडम को ऐसे देखा हे तुमने कितनी बार देखा? मेने कहा की पहली बार ही देखा हे. अनु भाई ने मुज से पूछा कैसा लगा तुम्हे? मेने झिझक कर बोला पहली बार रियल में किसी की चूत देखा हु, अच्छा लगा अभी तक पोर्न मूवी में देखा था.

अनु भाई हमारे यहाँ चार साल से काम कर रहे थे और बहुत इमानदार थे. उन्होंने कहा की मेने भी कई दिनों के बाद चूत को नंगा देखा. अनु भाई ने पूछा की तुमने कभी मुठ मारी हे? तो मेने कहा हां मारी हे. तो उन्होंने कहा अभी हम दोनों यही मुठ मारते हे. मेने कहा अनु भाई में निचे से भाभी की पेंटी लाता हु उसे देख कर मुठ मारते हे.

एक बार अनु भाई बाजार से सामान लेने को गए वापस आये तो मुझे टेरेस पर ले गए. उन्होंने कहा की मार्केट से एक चीज लाया हु उसे कांच कोढ़ी कहते हे. मेने पहली बार यह वर्ड सुना था. मेने कहा इससे क्या होगा? अनु भाई ने कहा मेडम की पेंटी में यह लगायेगे तो खुजली चालू हो जाएगी बहुत जोर से. तो शायद वो हमारी हेल्प मांग ले. मेने कहा की अनु भाई भाभी मोर्निंग में बस स्कुल जाते वक्त ही पेंटी पहनती हे, इसके बाद घर में नहीं पहनती हे.

उन्होंने कहा हां ठीक हे, फीर मेने दिमाग लगाया और कहा की अनु भाई भाभी के बेडरूम में हेयर क्लियर करने की क्रीम हे, हम उसमे मिला देते हे तो अनु भाई ने कहा बहुत बढ़िया आयडिया हे. अगर मेडम अपने निचे का हेयर साफ करने के लिए इसे यूज करेगी तो यह काम करेगी.

दुसरे दिन हम भाभी के बाथरूम में गए, उनकी क्रीम वहा रखी थी वो थोड़ी सी यूज हुई थी. हमने कांच कोढ़ी को बारीक़ किया और अच्छे से उस क्रीम में मिक्स कर दिया. अनु भाई मना कर थे, ज्यादा मत मिलाओ मेने कहा अगर काम नहीं करा तो? मेने उसमे ज्यादा मिला दिया.

भाभी जॉब से आई मगर कुछ नहीं हुआ, शायद उन्होंने यूज ही नहीं किया होगा. ऐसे ही कई दिन गुजर गए अनु भाई और में रोज क्रीम चेक करते लेकिन वो वैसी ही थी. भाभी शायद मंथ में एक या दो बार उसे यूज करती होगी.

आखिर भाभी ने एक सन्डे को ये क्रीम यूज कर ली. उसकी चूत में बड़ी खुजली होने लगी. पहले तो उसने बाथरूम में उसे धोया अपर जब कुछ नहीं बन पड़ा तो उसने मुझे आवाज दे दी. उस दिन अनु घर पर नहीं थे. मैं बाथरूम में घुसा तो भाभी की जांघो पर एकदम रेड मार्क बने हुए थे. उसने बहुत खुजाया हुआ था. मैंने कहा क्या हुआ भाभी?

तो वो बोली. लगता हे मुझे क्रीम से एलर्जी हो गई हे. जल्दी से कुछ करो बेटा.

भाभी ने पेंटी पहनी थी और तोवेल को लपेटा हुआ था अपने बदन के ऊपर. मैंने कहा, कहाँ पर एलर्जी हुई हे भाभी?

वो बोली, वो नहीं बता सकती मैं.

तो फिर मैं इलाज कैसे करूँगा बिना देखे?

भाभी ने धीरे से तोवेल खोला.जांघो पर जो रेश थे वैसे ही उसकी जांघो के बिच में भी थे. शायद खुजली की वजह से उसने बहुत खुजा डाला था. मैंने कहा, भाभी इसे भी उतार दो पेंटी की तरफ इशारा कर के मैंने कहा.

वो थोड़ी झिझक रही थी. पर फिर उसने पेंटी को भी खिंच डाला. उसकी चूत के बाल आधे ही उखड़े हुए थे. शायद जैसे ही क्रीम लगाईं होगी उसने तो उसे खुजली हुई होगी. और उसने जल्दी से पानी डाल दिया होगा.

मैंने अनु भाई से कांच कोढ़ी का तोड़ भी पूछा था. दूध या दूध की मलाई लगाने से वो असर छोड़ देती हे. मैंने भाभी को कहा, आप स्टूल पर बैठ जाओ. भाभी एकदम न्यूड ही मेरे सामने स्टूल के ऊपर अपनी बड़ी गांड रकः के बैठ गई. मैंने एक हाथ से उसकी जांघ को टच किया. एकदम मुलायम और सिल्की टच था. फिर मैंने धीरे से चूत पर हाथ रख के थोडा खुजाया. खुजाने से भाभी को बड़ा अच्छा लगा. मैंने खुजाते हुए भाभी की चूत के होंठो को परख लिया. मेरे टच से पानी निकल रहा था. पर वो अभी भी खुजली से परेशान सी थी. मैंने कहा मैं आया एक मिनिट.

फ्रिज से एक बाउल में मैं थोडा दूध ले आया. और बाथरूम में ही भाभी की चूत पर अपनी ऊँगली से लगाने लगा. चूत से दूध टपक के निचे गिर रहा था. अब भाभी को सकून मिल रहा था. मैंने पूछा, इस से फायदा हुआ?

भाभी बोली, हां बस लगाते रहो इसे. भाभी की चूत के अन्दर ऊँगली कर के मैं अन्दर के छेद को भी दूध लगाने लगा था. भाभी सिहर उठी और उसकी साँसों की स्पीड बढ़ गई. मैंने महसूस किया की बिच बिच में भाभी अपनी चूत के मसल कस लेती थी जिस से मेरी ऊँगली के ऊपर चूत की ग्रिप बढ़ जाती थी. मैंने क्लाइटोरिस के ऊपर भी दूध लगाया. भाभी एकदम सेक्सी हो गई थी. मैंने देखा की उसके निपल्स जो कुछ देर पहले सोये हुए थे वो भी कस के एकदम अकड चुके थे. मैंने अब थोड़ी सी मलाई ले के भाभी के छेद पर लगाईं. और ऊँगली को मैंने पूरी अन्दर डाल दी.

भाभी की चूत बड़ी गरम थी. मेरा लंड एकदम कडक हो गया था. मैंने ऊँगली से चूत के अन्दर की चमड़ी को हिलाई भाभी ने आह कर के मेरा हाथ पकड लिया. उसकी आंखे बंध थी. और वो मजे से अपने होंठो के ऊपर अपनी जबान को घुमा रही थी. मैंने बाउल से कुछ दूध निकाल के भाभी की चूत को धो दिया. मैंने देखा की भाभी की आँखे अभी भी बंध ही थी. मैंने पूछा, खुजली कम हुई?

भाभी ने बिना शब्दों के बस हम्म्म्म कहा.

मैंने चूत को और खोला और अपनी दो उंगली अन्दर डाली. भाभी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह करने लगी. मैंने समझ गया की मेरे हाथो ने भाभी की कामुकता को जगा दिया था. मैंने अब निचे झुक के भाभी के भोसड़े के ऊपर प्यार से एक किस दे दी. भाभी ने आह्ह निकाली और कुछ नहीं बोली. मैंने जबान से उसकी चूत के ऊपर की मलाई और दूध को चाटी. वो अब आँख खोल के मेरी तरफ देखने लगी. फिर मुझे चूत चाटते हुए देख के उसने आँखे वापस बंध कर ली. मैंने भाभी की गांड को अपने दोनों हाथ से पकड़ ली और जीभ को चूत के खड्डे में घुसा दी. भाभी का बुर एकदम गिला और गरम हो गया था.

मैं चूत चाट रहा था और भाभी ने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया. मैं सातवें आसामान पर चला गया लंड उसके हाथ में आते ही. भाभी ने लंड को धीरे धीरे से हिलाया.

उसके बाद मैं खड़ा हो गया. मैंने भाभी के होंठो के ऊपर अपने काले लंड को रख दिया.. भाभी मेरा इरादा समझ गई और उसने अपने होंठो को खोला. मैंने अपने लंड को अन्दर डाल दिया. वो होंठो की गरमी से मेरे लंड को चूसने लगी. उसने दांतों का भी हल्का टच दिया लंड को. साला क्या मजा आ गया पहली बार किसी के मुहं में लंड देने का!

भाभी एकदम सेक्सी ढंग से लंड को चूसने लगी. और मैंने उसके माथे को पकड़ के मुहं की चुदाई चालु कर दी.

2-3 मिनिट के अन्दर ही मेरे लंड की सब उर्जा का संचार केंद्र में हो गया. भाभी के मुहं के अन्दर ही मैंने अपने सिमेन यानी की वीर्य का फव्वारा छोड़ दिया. बहुत सब माल निकल पड़ा. इतना तो मैंने आजतक कभी नहीं देखा था निकलता हुआ. शायद ये औरत के टच का ही जादू था जिसने इतना वीर्य निकाला था.

भाभी के मुहं में आधा और आधा बहार निकल के उसके बूब्स पर आ गिरा. मैंने भाभी को पकड़ के खड़ा किया और कहाँ, सोरी भाभी मैं आपको नहला देता हूँ भाभी.

भाभी बोली, सोरी किस बात का भला, तुम तो मेरी मदद करने ही आये थे.

मैंने कहा, मैं आप को प्यार करता हु भाभी.

कोमल भाभी बोली, और आज से मैं भी करने लगी हूँ.

और फिर वो मेरे लंड को पकड के बोली, आज से ये मेरा हे!

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और फिर वो मुझे बोली, लंड को धो लो पानी से और हम लोग बेडरूम में चले! दोस्तों कहानी का या पहला चरण था, आगे भाभी की चूत चुदाई की बात भी आप को बताऊंगा!


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